Thursday, July 23, 2020

भगवान शिव को श्रावण माह में दूध चढ़ाने की परंपरा

भगवान शिव को श्रावण माह में दूध चढ़ाने की परंपरा बहुत पुरानी है.
वैसे 'रुद्राभिषेक' और अन्य अवसरों पर भी महादेव को दूध चढ़ाया जाता है.
कुछ लोग एेसे हैं जिनको पता नहीं शिवजी को दूध क्यों चढ़ाया जाता है!
कभी शास्त्रों का अध्ययन कीए हीं नहीं.
लेकिन आमिर खान कहता है दूध चढ़ाना गलत है तो मान गए.
भारत के रिषि कहते हैं दूध चढ़ाओ इनको विश्वास नहीं,
आमिर खान कहता है मत चढ़ाओ,पाखंड है.
तो मान गए पाखंड है.
एेसे लोग आमिर खान के फैन हैं और वो तर्क देता हैं कि शिवजी को दूध चढ़ाकर नष्ट करने से अच्छा है कि वो दूध किसी भूखे को पिलाया जाए.
आमिर खान या एेसे दुस्साहसी बॉलीवुड के कितने लोगों ने भूखे को दूध पिलाकर दूध का सदुपयोग किया ये तो मुझे पता नहीं.
यहीं आमिर खान तीन-तलाक और बुर्का की प्रथा पर चुप क्यों हैं ये समस्त भारत जानता है.
और सीधी भाषा में कहूं तो ये समझदारी कभी बकरीद पर भी दिखला देते आमिर खान-
"बकरीद पर गाय-बकरों को मारकर उनका खून बहाने से अच्छा है कि ये गाय-बकरे किसी निर्धन किसान को दान कर दें ताकि पशुपालन से किसान को खेती में थोड़ी मदद मिल जाए."
हम बॉलीवुड के असभ्य कलाकारों की बातों पर बहुत शीघ्र हीं विश्वास कर लेते हैं.
ये लोग यदि इतने हीं ज्ञानी होते तो नंगे-अधनंगे होकर फिल्मों में नाचकर पैसे कमाने की आवश्यकता क्या थी!
इनको छोड़िए,
हम आज बात करेंगे शिवजी को दूध चढ़ाने की पौराणिक और वैज्ञानिक कारण की.
पौराणिक कारण-
सृष्टि की रचना होने के बाद जब देवताओं और असुरों में निरंतर भयंकर युद्ध होने लगे तब असुरों की विशालकाय सेना और बाहुबल देवताओं पर भारी पड़ने लगा.
देवताओं को अत्यधिक होनेवाली हानि से चिंतित देवराज इंद्र समस्त देवताओं के साथ ब्रह्माजी के पास पहुंचे और वृतांत सुनाया.
ब्रह्माजी बोले आपलोग जगतपालक श्रीहरि विष्णु के पास जाईए,वहीं आपकी चिंता दूर करेंगे.
सभी देव विष्णुजी के पास पहुंचे और अपना वृतांत पुनः सुनाया.
विष्णुजी ने समुद्र मंथन और उससे प्राप्त होने वाले अमृत तत्व का रहस्य समझाया.
समुद्र मंथन हुआ तो सर्वप्रथम वो "हलाहल विष" प्राप्त हुआ.
क्या करें इस विष का पृथ्वी पर पड़े तो समस्त पृथ्वी नष्ट होगी,
आकाश में फेकें तो अंतरिक्ष नष्ट और जल में फेकने पर जल संसाधन हीं हलाहल बन जाएगा.
महादेव शिव ने उस हलाहल को पीकर अपने कंठ में स्थिर कर लिया और विष के कारण उनका कंठ नीले रंग का हो गया.
इसीलिए महादेव को 'नीलकंठ' नाम भी मिला.
विष की उष्णता को नियंत्रित रखने के लिए शीतलता की आवश्यकता होती है और गाय के दूध से शीतल क्या हो सकता है?
जिन्होने विष को कंठ में धारण कर लिया हो उनको विष की उष्णता क्या हानि पहुंचा सकती? असंभव,बिल्कुल नहीं.
लेकिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए हम उनके प्रति अपनी निष्ठा और श्रद्धा को बताने के लिए दूध का अभिषेक करते हैं.
शिवजी को दूध की आवश्यकता नहीं,हमे शिव की आवश्यकता है और इसीलिए अभिषेक होता है.
वैज्ञानिक कारण-
यजुर्वेद,आधुनिक आयुर्वेद और वैज्ञानिकों के अनुसार मानव शरीर तीन तत्वों की अधिकता से रोगी हो जाता है-वात,पित्त और कफ.
पशुओं द्वारा खाई जाने वाली घासों में वात तत्व पाया जाता है जो श्रावण माह में अधिकतम होता है.
इसीलिए आयुर्वेद श्रावण माह में दूध के सेवन को वर्जित बतलाता है.
भारत के महर्षियों नें वैज्ञनिक शोधों और साक्ष्यों के उपरांत शिवजी का दूध से अभिषेक करने की विशेषतः श्रवाण माह में परंपरा बनाई.
भूखे को दूध भी पिलाओ,खाना भी खिलाओ ये अलग मुद्दा है.
शिवजी का अभिषेक अलग मुद्दा है.
और आज ये निरक्षर निर्बुद्धि लोग प्रश्न उठाते हैं?
आप यदि इस रहस्य को समझ गए तो निश्चित रुप से शेयर कीजिएगा.

                  - डॉ0 विजय शंकर मिश्र

. *🌹 श्री कृष्ण स्तुति 🌹*

.         *🌹 श्री कृष्ण स्तुति 🌹*

श्रीनिवासा गोविंदा, श्री वेंकटेशा गोविंदा,
भक्त वत्सल गोविंदा, भागवता प्रिय गोविंदा!
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

नित्य निर्मल गोविंदा, नीलमेघ श्याम गोविंदा,
पुराण पुरुषा गोविंदा, पुंडरीकाक्ष गोविंदा,
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

नंद नंदना गोविंदा, नवनीत चोरा गोविंदा!
पशुपालक श्री गोविंदा, पाप विमोचन गोविंदा,
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

दुष्ट संहार गोविंदा, दुरित निवारण गोविंदा!
शिष्ट परिपालक गोविंदा, कष्ट निवारण गोविंदा!
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

वज्र मकुटधर गोविंदा, वराह मूर्ती गोविंदा,
गोपीजन लोल गोविंदा, गोवर्धनोद्धार गोविंदा!
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

दशरध नंदन गोविंदा, दशमुख मर्धन गोविंदा,
पक्षि वाहना गोविंदा, पांडव प्रिय गोविंदा,
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

मत्स्य कूर्म गोविंदा, मधु सूधना हरि गोविंदा!
वराह नृसिंह गोविंदा, वामन भृगुराम गोविंदा,
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

बलरामानुज गोविंदा, बौद्ध कल्किधर गोविंदा!
वेणु गान प्रिय गोविंदा, वेंकट रमणा गोविंदा!
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

सीता नायक गोविंदा, श्रितपरिपालक गोविंदा,
दरिद्रजन पोषक गोविंदा, धर्म संस्थापक गोविंदा!
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

अनाथ रक्षक गोविंदा, आपध्भांदव गोविंदा,
शरणागतवत्सल गोविंदा, करुणा सागर गोविंदा,
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

कमल दलाक्षा गोविंदा, कामित फलदात गोविंदा!
पाप विनाशक गोविंदा, पाहि मुरारे गोविंदा,
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

श्रीमुद्रांकित गोविंदा, श्रीवत्सांकित गोविंदा!
धरणी नायक गोविंदा, दिनकर तेजा गोविंदा!
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

पद्मावती प्रिय गोविंदा, प्रसन्न मूर्ते गोविंदा,
अभय हस्त गोविंदा, अक्षय वरदा गोविंदा!
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

शंख चक्रधर गोविंदा, सारंग गदाधर गोविंदा,
विराज तीर्थ गोविंदा, विरोधि मर्धन गोविंदा,
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

सालग्राम हर गोविंदा, सहस्र नाम गोविंदा!
लक्ष्मी वल्लभ गोविंदा, लक्ष्मणाग्रज गोविंदा,
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

कस्तूरि तिलक गोविंदा, कांचनांबरधर गोविंदा!
गरुड वाहना गोविंदा, गजराज रक्षक गोविंदा!
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

वानर सेवित गोविंदा, वारथि बंधन गोविंदा,
एडु कोंडल वाडा गोविंदा, एकत्व रूपा गोविंदा!
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

रामकृष्णा गोविंदा, रघुकुल नंदन गोविंदा,
प्रत्यक्ष देव गोविंदा, परम दयाकर गोविंदा,
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

वज्र मुकुटदर गोविंदा, वैजयंति माल गोविंदा!
वड्डी कासुल वाडा गोविंदा, वासुदेव तनया गोविंदा,
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

बिल्वपत्रार्चित गोविंदा, भिक्षुक संस्तुत गोविंदा!
स्त्री पुं रूपा गोविंदा, शिवकेशव मूर्ति गोविंदा!
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

ब्रह्मानंद रूपा गोविंदा, भक्त तारका गोविंदा,
नित्य कल्याण गोविंदा, नीरज नाभा गोविंदा!
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

हति राम प्रिय गोविंदा, हरि सर्वोत्तम गोविंदा,
जनार्धन मूर्ति गोविंदा, जगत् साक्षि रूपा गोविंदा,
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

अभिषेक प्रिय गोविंदा, अभन्निरासाद गोविंदा!
नित्य शुभात गोविंदा, निखिल लोकेशा गोविंदा,
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा!

आनंद रूपा गोविंदा, अध्यंत रहित गोविंदा,
इहपर दायक गोविंदा, इपराज रक्षक गोविंदा!
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

पद्म दलक्ष गोविंदा, पद्मनाभा गोविंदा,
तिरुमल निवासा गोविंदा, तुलसी वनमाल गोविंदा,
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा,

शेषशायी गोविंदा, शेषाद्रिनीलय गोविंदा!
श्री श्रीनिवासा गोविंदा, श्री वेंकटेशा गोविंदा,
गोविंदा हरि गोविंदा, गोकुल नंदन गोविंदा!

   🌸 *श्री राधे कृष्ण:शरणं ममः* 🌸

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Tuesday, July 21, 2020

*100 जानकारी जिसका ज्ञान सबको होना चाहिए*

*100 जानकारी जिसका ज्ञान सबको होना चाहिए*
1.योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।
2. *लकवा* - सोडियम की कमी के कारण होता है ।
3. *हाई वी पी में* -  स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे ।
4. *लो बी पी* - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें ।
5. *कूबड़ निकलना*- फास्फोरस की कमी ।
6. *कफ* - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है , फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है । गुड व शहद खाएं 
7. *दमा, अस्थमा* - सल्फर की कमी ।
8. *सिजेरियन आपरेशन* - आयरन , कैल्शियम की कमी ।
9. *सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें* ।
10. *अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें* ।
11. *जम्भाई*- शरीर में आक्सीजन की कमी ।
12. *जुकाम* - जो प्रातः काल जूस पीते हैं वो उस में काला नमक व अदरक डालकर पियें ।
13. *ताम्बे का पानी* - प्रातः खड़े होकर नंगे पाँव पानी ना पियें ।
14.  *किडनी* - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये ।
15. *गिलास* एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेसटेन्स अधिक होता है । गिलास अंग्रेजो ( पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है अतः लोटे का पानी पियें,  लोटे का कम  सर्फेसटेन्स होता है ।
16. *अस्थमा , मधुमेह , कैंसर* से गहरे रंग की वनस्पतियाँ बचाती हैं ।
17. *वास्तु* के अनुसार जिस घर में जितना खुला स्थान होगा उस घर के लोगों का दिमाग व हृदय भी उतना ही खुला होगा ।
18. *परम्परायें* वहीँ विकसित होगीं जहाँ जलवायु के अनुसार व्यवस्थायें विकसित होगीं ।
19. *पथरी* - अर्जुन की छाल से पथरी की समस्यायें ना के बराबर है । 
20. *RO* का पानी कभी ना पियें यह गुणवत्ता को स्थिर नहीं रखता । कुएँ का पानी पियें । बारिस का पानी सबसे अच्छा , पानी की सफाई के लिए *सहिजन* की फली सबसे बेहतर है ।
21. *सोकर उठते समय* हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का *स्वर* चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें ।
22. *पेट के बल सोने से* हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है । 
23.  *भोजन* के लिए पूर्व दिशा , *पढाई* के लिए उत्तर दिशा बेहतर है ।
24.  *HDL* बढ़ने से मोटापा कम होगा LDL व VLDL कम होगा ।
25. *गैस की समस्या* होने पर भोजन में अजवाइन मिलाना शुरू कर दें ।
26.  *चीनी* के अन्दर सल्फर होता जो कि पटाखों में प्रयोग होता है , यह शरीर में जाने के बाद बाहर नहीं निकलता है। चीनी खाने से *पित्त* बढ़ता है । 
27.  *शुक्रोज* हजम नहीं होता है *फ्रेक्टोज* हजम होता है और भगवान् की हर मीठी चीज में फ्रेक्टोज है ।
28. *वात* के असर में नींद कम आती है ।
29.  *कफ* के प्रभाव में व्यक्ति प्रेम अधिक करता है ।
30. *कफ* के असर में पढाई कम होती है ।
31. *पित्त* के असर में पढाई अधिक होती है ।
33.  *आँखों के रोग* - कैट्रेक्टस, मोतियाविन्द, ग्लूकोमा , आँखों का लाल होना आदि ज्यादातर रोग कफ के कारण होता है ।
34. *शाम को वात*-नाशक चीजें खानी चाहिए ।
35.  *प्रातः 4 बजे जाग जाना चाहिए* ।
36. *सोते समय* रक्त दवाव सामान्य या सामान्य से कम होता है ।
37. *व्यायाम* - *वात रोगियों* के लिए मालिश के बाद व्यायाम , *पित्त वालों* को व्यायाम के बाद मालिश करनी चाहिए । *कफ के लोगों* को स्नान के बाद मालिश करनी चाहिए ।
38. *भारत की जलवायु* वात प्रकृति की है , दौड़ की बजाय सूर्य नमस्कार करना चाहिए ।
39. *जो माताएं* घरेलू कार्य करती हैं उनके लिए व्यायाम जरुरी नहीं ।
40. *निद्रा* से *पित्त* शांत होता है , मालिश से *वायु* शांति होती है , उल्टी से *कफ* शांत होता है तथा *उपवास* ( लंघन ) से बुखार शांत होता है ।
41.  *भारी वस्तुयें* शरीर का रक्तदाब बढाती है , क्योंकि उनका गुरुत्व अधिक होता है ।
42. *दुनियां के महान* वैज्ञानिक का स्कूली शिक्षा का सफ़र अच्छा नहीं रहा, चाहे वह 8 वीं फेल न्यूटन हों या 9 वीं फेल आइस्टीन हों , 
43. *माँस खाने वालों* के शरीर से अम्ल-स्राव करने वाली ग्रंथियाँ प्रभावित होती हैं ।
44. *तेल हमेशा* गाढ़ा खाना चाहिएं सिर्फ लकडी वाली घाणी का , दूध हमेशा पतला पीना चाहिए ।
45. *छिलके वाली दाल-सब्जियों से कोलेस्ट्रोल हमेशा घटता है ।* 
46. *कोलेस्ट्रोल की बढ़ी* हुई स्थिति में इन्सुलिन खून में नहीं जा पाता है । ब्लड शुगर का सम्बन्ध ग्लूकोस के साथ नहीं अपितु कोलेस्ट्रोल के साथ है ।
47. *मिर्गी दौरे* में अमोनिया या चूने की गंध सूँघानी चाहिए । 
48. *सिरदर्द* में एक चुटकी नौसादर व अदरक का रस रोगी को सुंघायें ।
49. *भोजन के पहले* मीठा खाने से बाद में खट्टा खाने से शुगर नहीं होता है । 
50. *भोजन* के आधे घंटे पहले सलाद खाएं उसके बाद भोजन करें । 
51. *अवसाद* में आयरन , कैल्शियम , फास्फोरस की कमी हो जाती है । फास्फोरस गुड और अमरुद में अधिक है 
52.  *पीले केले* में आयरन कम और कैल्शियम अधिक होता है । हरे केले में कैल्शियम थोडा कम लेकिन फास्फोरस ज्यादा होता है तथा लाल केले में कैल्शियम कम आयरन ज्यादा होता है । हर हरी चीज में भरपूर फास्फोरस होती है, वही हरी चीज पकने के बाद पीली हो जाती है जिसमे कैल्शियम अधिक होता है ।
53.  *छोटे केले* में बड़े केले से ज्यादा कैल्शियम होता है ।
54. *रसौली* की गलाने वाली सारी दवाएँ चूने से बनती हैं ।
55.  हेपेटाइट्स A से E तक के लिए चूना बेहतर है ।
56. *एंटी टिटनेस* के लिए हाईपेरियम 200 की दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दे ।
57. *ऐसी चोट* जिसमे खून जम गया हो उसके लिए नैट्रमसल्फ दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दें । बच्चो को एक बूंद पानी में डालकर दें । 
58. *मोटे लोगों में कैल्शियम* की कमी होती है अतः त्रिफला दें । त्रिकूट ( सोंठ+कालीमिर्च+ मघा पीपली ) भी दे सकते हैं ।
59. *अस्थमा में नारियल दें ।* नारियल फल होते हुए भी क्षारीय है ।दालचीनी + गुड + नारियल दें ।
60. *चूना* बालों को मजबूत करता है तथा आँखों की रोशनी बढाता है । 
61.  *दूध* का सर्फेसटेंसेज कम होने से त्वचा का कचरा बाहर निकाल देता है ।
62.  *गाय की घी सबसे अधिक पित्तनाशक फिर कफ व वायुनाशक है ।* 
63.  *जिस भोजन* में सूर्य का प्रकाश व हवा का स्पर्श ना हो उसे नहीं खाना चाहिए 
64.  *गौ-मूत्र अर्क आँखों में ना डालें ।*
65.  *गाय के दूध* में घी मिलाकर देने से कफ की संभावना कम होती है लेकिन चीनी मिलाकर देने से कफ बढ़ता है ।
66.  *मासिक के दौरान* वायु बढ़ जाता है , 3-4 दिन स्त्रियों को उल्टा सोना चाहिए इससे  गर्भाशय फैलने का खतरा नहीं रहता है । दर्द की स्थति में गर्म पानी में देशी घी दो चम्मच डालकर पियें ।
67. *रात* में आलू खाने से वजन बढ़ता है ।
68. *भोजन के* बाद बज्रासन में बैठने से *वात* नियंत्रित होता है ।
69. *भोजन* के बाद कंघी करें कंघी करते समय आपके बालों में कंघी के दांत चुभने चाहिए । बाल जल्द सफ़ेद नहीं होगा ।
70. *अजवाईन* अपान वायु को बढ़ा देता है जिससे पेट की समस्यायें कम होती है 
71. *अगर पेट* में मल बंध गया है तो अदरक का रस या सोंठ का प्रयोग करें 
72. *कब्ज* होने की अवस्था में सुबह पानी पीकर कुछ देर एडियों के बल चलना चाहिए । 
73. *रास्ता चलने*, श्रम कार्य के बाद थकने पर या धातु गर्म होने पर दायीं करवट लेटना चाहिए । 
74. *जो दिन मे दायीं करवट लेता है तथा रात्रि में बायीं करवट लेता है उसे थकान व शारीरिक पीड़ा कम होती है ।* 
75.  *बिना कैल्शियम* की उपस्थिति के कोई भी विटामिन व पोषक तत्व पूर्ण कार्य नहीं करते है ।
76. *स्वस्थ्य व्यक्ति* सिर्फ 5 मिनट शौच में लगाता है ।
77. *भोजन* करते समय डकार आपके भोजन को पूर्ण और हाजमे को संतुष्टि का संकेत है ।
78. *सुबह के नाश्ते* में फल , *दोपहर को दही* व *रात्रि को दूध* का सेवन करना चाहिए । 
79. *रात्रि* को कभी भी अधिक प्रोटीन वाली वस्तुयें नहीं खानी चाहिए । जैसे - दाल , पनीर , राजमा , लोबिया आदि । 
80.  *शौच और भोजन* के समय मुंह बंद रखें , भोजन के समय टी वी ना देखें । 
81. *मासिक चक्र* के दौरान स्त्री को ठंडे पानी से स्नान , व आग से दूर रहना चाहिए । 
82. *जो बीमारी जितनी देर से आती है , वह उतनी देर से जाती भी है ।*
83. *जो बीमारी अंदर से आती है , उसका समाधान भी अंदर से ही होना चाहिए ।*
84. *एलोपैथी* ने एक ही चीज दी है , दर्द से राहत । आज एलोपैथी की दवाओं के कारण ही लोगों की किडनी , लीवर , आतें , हृदय ख़राब हो रहे हैं । एलोपैथी एक बिमारी खत्म करती है तो दस बिमारी देकर भी जाती है । 
85. *खाने* की वस्तु में कभी भी ऊपर से नमक नहीं डालना चाहिए , ब्लड-प्रेशर बढ़ता है । 
86 .  *रंगों द्वारा* चिकित्सा करने के लिए इंद्रधनुष को समझ लें , पहले जामुनी , फिर नीला ..... अंत में लाल रंग । 
87 . *छोटे* बच्चों को सबसे अधिक सोना चाहिए , क्योंकि उनमें वह कफ प्रवृति होती है , स्त्री को भी पुरुष से अधिक विश्राम करना चाहिए 
88. *जो सूर्य निकलने* के बाद उठते हैं , उन्हें पेट की भयंकर बीमारियां होती है , क्योंकि बड़ी आँत मल को चूसने लगती है । 
89.  *बिना शरीर की गंदगी* निकाले स्वास्थ्य शरीर की कल्पना निरर्थक है , मल-मूत्र से 5% , कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ने से 22 %, तथा पसीना निकलने लगभग 70 % शरीर से विजातीय तत्व निकलते हैं । 
90. *चिंता , क्रोध , ईर्ष्या करने से गलत हार्मोन्स का निर्माण होता है जिससे कब्ज , बबासीर , अजीर्ण , अपच , रक्तचाप , थायरायड की समस्या उतपन्न होती है ।* 
91.  *गर्मियों में बेल , गुलकंद , तरबूजा , खरबूजा व सर्दियों में सफ़ेद मूसली , सोंठ का प्रयोग करें ।*
92. *प्रसव* के बाद माँ का पीला दूध बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता को 10 गुना बढ़ा देता है । बच्चो को टीके लगाने की आवश्यकता नहीं होती  है ।
93. *रात को सोते समय* सर्दियों में देशी मधु लगाकर सोयें त्वचा में निखार आएगा 
94. *दुनिया में कोई चीज व्यर्थ नहीं , हमें उपयोग करना आना चाहिए*।
95. *जो अपने दुखों* को दूर करके दूसरों के भी दुःखों को दूर करता है , वही मोक्ष का अधिकारी है । 
96. *सोने से* आधे घंटे पूर्व जल का सेवन करने से वायु नियंत्रित होती है , लकवा , हार्ट-अटैक का खतरा कम होता है । 
97. *स्नान से पूर्व और भोजन के बाद पेशाब जाने से रक्तचाप नियंत्रित होता है*। 
98 . *तेज धूप* में चलने के बाद , शारीरिक श्रम करने के बाद , शौच से आने के तुरंत बाद जल का सेवन निषिद्ध है 
99. *त्रिफला अमृत है* जिससे *वात, पित्त , कफ* तीनो शांत होते हैं । इसके अतिरिक्त भोजन के बाद पान व चूना ।  
100. इस विश्व की सबसे मँहगी *दवा। लार* है , जो प्रकृति ने तुम्हें अनमोल दी है ,इसे ना थूके ।

_*जनजागृति हेतु लेख को पढ़ने के बाद साझाअवश्य करे*💐🚩

Wednesday, July 15, 2020

*संपूर्ण आयुर्वेद लिहिलंय शॉर्ट मध्ये,*

*संपूर्ण आयुर्वेद लिहिलंय शॉर्ट मध्ये,*
हे वाचल्यावर अक्षरशः काही वाचायची गरज नाही!
वाचा आणि पालन करा.
  मी हा अत्यन्त महत्वाचा व खुप मोठा मेसेज पाठवत आहे 🙏कृपया🙏 वेळ काढुन हा मोठा मेसेज आवश्यक वाचावा 
|| शरीराला आवश्यक खनिजं ||

*🔺कॅल्शिअम*
कशात असतं?
शेंगदाणे, तीळ, दूध, खोबरं, मुळा, कोबी. ज्वारी, राजगिरा, खरबूज, खजूर
कमतरतेमुळे काय होतं?
हृदयरोग, ऑस्टियोपोरोसिस, दंतरोग, केस गळणे
कार्य काय असतं?
शरीरातील सर्वात मुख्य खनिजं असून ते हाडांची मजबुती आणि शरीराच्या निर्मितीसाठी आवश्यक असतं.
🌺🌺🌺े

*🔺लोह*
कशात असतं?
खजूर, अंजीर, मनुका, सफरचंद, डाळिंब, पालक, सीताफळ, उस, बोर, मध, पपई आणि मेथी
कमतरतेमुळे काय होतं?
शरीरात रक्ताची कमतरता भासते. अशक्तपणा, कावीळ किंवा पोटात मुरडा येतो.
कार्य काय असतं?
शरीराच्या वाढीसाठी अतिशय आवश्यक असतं.
🌺🌺🌺े

*🔺सोडिअम*
कशात असतं?
मीठ, पाणी, बटाटा, आलं, लसूण, कांदा, मिरची, पालक, सफरचंद, कारलं
कमतरतेमुळे काय होतं?
रक्तदाबाशी निगडित समस्या, निद्रानाश, अंगदुखी, अपचन, मूळव्याधीसारखे आजार, मोतीबिंदू, बहिरेपणा, हात अणि पाय कडक होणे.
कार्य काय असतं?
शरीराला आवश्यक असणारी पाचक रसायनाची निर्मिती करतात, त्याचप्रमाणे शरीरात होणारा गॅस नष्ट होतो.
🌺🌺🌺े

*🔺आयोडिन*
कशात असतं?
शिंघाडा, काकडी, कोबी, राजगिरा, शतावरी, मीठ आणि लसूण.
कमतरतेमुळे काय होतं?
थायरॉइडची समस्या, केस गळणे, डिप्रेशन किंवा बैचेनी येणे.
कार्य काय असतं?
शरीरात उत्पन्न होणाऱ्या विषारी पदार्थापासून मेंदूला बचावण्याचं काम करतो.
🌺🌺🌺े

*🔺पोटॅशिअम*
कशात असतं?
सर्व प्रकारची धान्य, डाळ, संत्र, अननस, केळं, बटाटा, लिंबू, बदाम.
कमतरतेमुळे काय होतं?
अ‍‍ॅसिडिटी, त्वचेवर सुरकुत्या किंवा मुरुमं येणं, त्वचा रोग, केस पिकणे.
कार्य काय असतं?
शरीरात तंतू आणि यकृत यांना सुरळत ठेवण्याचं कार्य करतं.
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*🔺फॉस्फरस*
कशात असतं?
दूध, पनीर, डाळी, कांदा, टोमॅटो, गाजर, जांभळं, पेरू, काजू, बदाम, बाजरी आणि चणे.
कमतरतेमुळे काय होतं?
ऑस्टिओपोरोसिस, गतिमंद होणे, मानसिक थकवा, दंत रोग.
कार्य काय असतं?
मेंदूला ताजंतवानं ठेवण्याचं काम हे खनिजं करतं.
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*🔺सिलिकॉन*
कशात असतं?
गहू, पालक, तांदूळ, कोबी, काकडी, मध,
कमतरतेमुळे काय होतं?
कॅन्सर, त्वचारोग, बहिरेपणा, केस गळणे.
कार्य काय असतं?
जननेंद्रियांची कार्यक्षमता वाढवून शरीरातील तंतूना मजबूत करतात.
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*🔺मॅग्नेशिअम*
कशात असतं?
बाजरी, बीट, खजूर, सोयाबीन, दूध, लीची, कारलं.
कमतरतेमुळे काय होतं?
उदास होणे, आळस येणे, तणाव असणे, झोप न लागणे, बैचेनी, सोरायसिस, फोडं, नपुंसकता किंवा वांझपणा.
कार्य काय असतं?
पेशीचं कार्य सुधारतं. रेचक म्हणून काम करतं.
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🔺सल्फर
कशात असतं?
दूध, पनीर, डाळ, टोमॅटो, बटाटा, आलं, मिरची, सफरचंद, अननस, सुरण.
कमतरतेमुळे काय होतं?
प्रतीकारशक्ती कमी होते, केस गळतात, वजन वाढतं, मधुमेहाला आमंत्रण मिळतं.
कार्य काय असतं?
इन्सुलिनचं रेचन म्हणून कार्य करतं.
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*🔺क्लोरिन*
कशात असतं?
पानी, बीट, कोबी, मीठ, दूध, लिंबू, आवळा, मध.
कमतरतेमुळे काय होतं?
अ‍‍ॅसिडिटी, अल्सर, कॅन्सर, आणि अ‍‍ॅलर्जी.
कार्य काय असतं?
सोडिअम आणि पोटॅशिअमला पाचक बनवण्यासाठी सहायता करतं, त्याचप्रमाणे शरीरातील आम्लक्षाराचं संतुलन राखलं जातं.
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*🔺खाद्यपदार्थामधील खनिजं शरीराला मिळावीत म्हणून काय केलं पाहिजे.🔺*
» फळं किंवा भाज्या कापल्यानंतर कधीच धुवू नयेत. असं केल्याने त्यातील खनिजं पाण्यावाटे नष्ट होतात.
» डाळ, तांदूळ किंवा धान्यदेखील उकडण्यापूर्वीच स्वच्छ धुऊन घ्यावेत.
» काही धान्य, फळं तसंच भाज्यांच्या सालींमध्ये खनिजांचा मोठा प्रमाणावर साठा असतो. त्यामुळे अशा सालींचा आहारात समावेश करावा.
» दुधात खनिजांचा भरपूर स्रेत असतो म्हणूनच दूध जास्त प्रमाणात उकळू नये. दूध जास्त प्रमाणात उकळल्याने त्यातील खनिजं नष्ट होतात.
» फळं कापून खाण्याऐवजी शक्यतो आहे तशीच खावीत. उदाहरणार्थ, चिकू किंवा सफरचंद ही फळं संपूर्ण खावीत.
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*▫ब्लड प्रेशर  आणि  नियंत्रण▫*
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ब्लडप्रेशर असलेल्या रुग्णांची संख्या दिवसेंदिवस वाढतच चालली आहे. धकाधकीच्या जीवनात फास्ट फूड आणि अनियमित दिनचर्या या कारणामुळे या आजाराचे रुग्ण भारतातही मोठ्या प्रमाणात दिसून येत आहेत. ब्लडप्रेशरमुळे हृदयाचे आजार, स्ट्रोक अशा समस्या निर्माण होण्याची दाट शक्यता असते. ब्लडप्रेशरच्या रुग्णाला दररोज औषध घ्यावे लागते. आज  तुम्हाला काही घरगुती उपायांची माहिती देत आहोत. तुम्हालाही ब्लडप्रेशरचा त्रास असेल तुम्ही हे घरुगुती उपाय अवश्य करून पाहा. या उपायांनी तुमचे ब्लडप्रेशर नियंत्रणात राहील.
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*▫लसूण -*

ब्लडप्रेशरच्या रुग्णांसाठी लसूण अमृतासमान औषधी आहे. यामध्ये एलिसीन नावाचे तत्त्व असते, जे नायट्रिक ऑक्साइडचे प्रमाण वाढवते आणि यामुळे आपल्या मासपेशींना आराम मिळतो. ब्लडप्रेशरच्या डायलॉस्टिक आणि सिस्टॉलिक कार्यप्रणालीला आराम मिळतो. यामुळे ब्लडप्रेशरच्या रुग्णांनी दररोज लसणाची एक पाकळी अवश्य खावी.
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*▫शेवगा -*

यामध्ये भरपूर प्रमाणात प्रोटीन आणि व्हिटॅमिन तसेच खनिज लवण आढळून येतात. एका संशोधनानुसार, या झाडाच्या पानांचा अर्क पिल्यास ब्लडप्रेशरच्या डायलॉस्टिक आणि सिस्टॉलिक कार्यप्रणालीवर सकारत्मक प्रबाव पडतो. ब्लडप्रेशरच्या रुग्णाने मसूरच्या डाळीसोबत शेवग्याचे सेवन करावे.
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*▫जवस -*

जवसामध्ये अल्फा लिनोनेलिक अ‍‍ॅसिड भरपूर प्रमणात असते. हे एक प्रकारचे महत्त्वपूर्ण ओमेगा-३ फॅटी अ‍‍ॅसिड आहे. विविध संशोधनामध्ये समोर आले आहे, की ज्या लोकांना हायपरटेन्शनची समस्या असेल त्यांनी जेवणात जवसाचा उपयोग अवश्य करावा. यामुळे कॉलेस्टेरॉलची मात्रा कमी होते आणि याच्या सेवनाने ब्लडप्रेशर नियंत्रणात राहते.
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*▫विलायची -*

एका संशोधनानुसार विलायचीचे नियमित सेवन केल्यास ब्लडप्रेशर व्यवस्थित राहते. याच्या सेवनाने शर
हळद   Turmeric
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*गुणधर्म  -----*

तिखट,  कडवट,  रूक्ष,  गरम,  जंतुनाशक,  रक्तशुद्धीकारक,  वात,  पित्त,  कफ  शमन  करणारी.

*उपयोग -----*

*१)*  जखमेवर  किंवा  मुका  मार  लागणे.  हळद  लावा.
*२)*  रक्ती  मुळव्याध  -  बकरीचे  दूध  +  हळद  घ्या.
*३)*  सर्दी,  कफ,  खोकला -  गरम  दूध  +  तूप  +  हळद  घ्या.
*४)*  जास्त  लघवी  -  पांढरे  तीळ  +  गुळ  +  हळद  घ्या.
*५)*  आवाज़  बसणे  -  हळद  +  गुळ  गोळ्या  करून  खा.
*६)*  काविळ  -  ताक  +  हळद.
*७)*  ताप  -  गरम  दूध  +  हळद  +  काळीमिरी  पुड.
*८)*  लघवितून  पू  जाणे  -  आवळा  रस  +  हळद  +  मध.
*९)*  मुतखडा  ( स्टोन )  -   ताक  +  हळद  +  जूना  गुळ.
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      #    *आरोग्य   संदेश*    #
     
हळदच  आहे  जंतुनाशक, रक्तशुद्धीकारक,
नक्कीच   आजारांना    आहे   ती   मारक.
  
*तोंडाचे  विकार*
  
*कारणे -----*

जागरण  करणे,  जास्त  तिखट  खाणे,  पोट  साफ  नसणे,  पित्त  होणे,  अपचन  होणे,  उष्णता  वाढणे,  रोगप्रतिकारक  शक्ति  कमी  होणे. व्यसन  करणे.

*उपाय -----*

*१)*  जेवणात  गाईचे  तूप  व  ताक  घ्या.
*२)*  गुलकंद  खा.
*३)* ज्येष्ठमधाची  कांडी  चघळावी.
*४)*  दुधाची  साय  आणि  शंखजीरे  मिक्स  करून  तोंडातून  लावा.
*५)*  हलका  आहार  घ्या.
*६)*  वरील  कारणे  कमी  करा. त्रिफळा  चूर्ण  घेऊन  पोट  साफ  ठेवा. 
*७)*  दही  उष्ण  असल्याने  जास्त  खाऊ  नका.
*८)*  जाईची  पाने  किंवा  तोंडलीची  पाने  किंवा  पेरूची  पाने  किंवा  उंबराची  कोवळी  कांडी  चावून  थुंका.
*९)*  नियमित  प्राणायाम  करा.
*१०)*  आवळा  पदार्थ  खा.
*११)*  एकाचवेळी  सर्व  उपाय  करू  नका.
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*जीभेची  साले  निघत  असल्यास*

*उपाय -----*

*१)*  पुदिन्याची  पाने  आणि  खडीसाखर  मिक्स  करून  चावून  थुंकत  रहा.
*२)*  एक  केळ  गाईच्या  दूधाबरोबर  खावे.
*३)*  त्रिफळाच्या  काड्याने  गुळण्या  करा. जंतुसंसर्ग  कमी  होतो.
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🙏विनीत किशोर बाबुराव नागरे🚩
     #     *आरोग्य  संदेश*    #

*व्यायामानेच  पचनशक्ती  वाढवा*

*उपाय -------*

*१)*  नारळाची  शेंडी  जाळून  राख  बनवा.
*२)*  ती  राख  २/३  ग्रँम  ताकातून  घ्या.
*३)*  रिकाम्या  पोटीच  घ्या.
*४)*  सकाळ  व  संध्याकाळ  घ्या.
*५)*  मुळा /  सुरण  भाजी  खा.
*६)*  अक्रोड  खाऊन  वर  दूध  प्या.
*७)*  जेवणात  कच्चा  कांदा  खा.
*८)*  श्वास  रोखू  बटरफ्लाय  व्यायाम  करा.
*९)*  हलका  आहार  घ्या.  गाईचे  तुप  खा.
*१०)*  पोट  साफ  ठेवा.
*११)*  नियमित  प्राणायाम  करा.
*१२)*  चोथायुक्त  पदार्थ  खा.
*१३)*  शाकाहारी  राहण्याचा  प्रयत्न  करा.
*१४)*  एकाचवेळी  सर्व  उपाय  करू  नका.
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#     *आरोग्य   संदेश*      #

पोट  राहूद्या  नियमित  साफ,
मुळव्याधीचा   चूकेल   व्याप.

*काळ्या द्राक्षांचे 10 फायदे, वाचाल तर रोज खाल*

*1. डायबिटीस, ब्लड प्रेशरवर नियंत्रण*

काळी द्राक्ष नियमित खाल्यामुळे डायबिटीस आणि ब्लड प्रेशर नियंत्रणात राहतं. काळ्या द्राक्षांमध्ये रेसवटॉल नावाचा पदार्थ असतो, ज्यामुळे रक्तात इन्सुलिन वाढतं. ही द्राक्ष खाल्यामुळे शरिरातलं रक्त वाढायलाही मदत होते, त्यामुळे ब्लड प्रेशरचा त्रास होत नाही. 

*2. एकाग्रता वाढायला मदत*

काळी द्राक्ष खाल्यामुळे एकाग्रता आणि स्मरणशक्ती वाढायला मदत होते. तसंच मायग्रेनसारखा आजारही या द्राक्षांमुळे बरा होतो. 
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*3. हार्ट ऍटेकचा धोका कमी*

काळ्या द्राक्षांमध्ये सायटोकेमिकल्स असतात जे हृदयाला स्वस्थ ठेवतात. तसंच या द्राक्षांमुळे कोलेस्ट्रॉलही नियंत्रणात राहतं, ज्यामुळे हार्ट ऍटेकचा धोका कमी होतो.

*4. वजन होतं कमी*

नियमित काळी द्राक्ष खालली तर वजन कमी होऊ शकतं. यामध्ये असणारा एँटीऑक्साईड शरिरात जास्तीचं असलेलं टॉक्सिन्स बाहेर काढायला मदत करतो. ज्यामुळे वजन कमी होतं. 
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*5. अस्थमा होतो बरा*

काळी द्राक्ष शरिरात असलेल्या बॅक्टेरिया आणि फंगसला मारायचं काम करतात, जी इंफेक्शन तयार करतात. पोलिओविरुद्ध लढण्यासाठीही द्राक्ष हा चांगला उपाय आहे. काळ्या द्राक्षांमुळे अस्थमा बरा व्हायला मदत होते. 

*6. कॅन्सरला रोखा*

काळी द्राक्ष खाल्यामुळे ब्रेस्ट, लंग, प्रोस्टेट आणि आतड्यांच्या कॅन्सरच्या धोक्यापासून वाचता येऊ शकतं. 

*7. अपचन होत नाही*

काळ्या द्राक्षांमध्ये शुगर, ऑरगॅनिक ऍसिड आणि पॉलीओस जास्त प्रमाणात असल्यामुळे अपचन आणि पोटाची जळजळ होत नाही. 
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*8. डोळ्यांसाठी गुणकारी*

दृष्टी सुधारण्यासाठीही काळी द्राक्ष गुणकारी आहेत. 

*9. सुरकुत्या होतात कमी*

काळ्या द्राक्षांमुळे डोळ्यांखाली होणारा काळा भाग कमी करतो. तसंच त्वचेवर पडणाऱ्या सुरकुत्याही यामुळे कमी होतात. 
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*10.  केस गळती थांबवायला मदत*

काळ्या द्राक्षांमध्ये असलेल्या विटॅमिन इ मुळे केस गळणं, केस पांढरे होणं यासारख्या समस्या दूर होतात. द्राक्ष खाल्यानं केसांच्या मुळापर्यंत रक्त पोहोचायला मदत होते, त्यामुळे केस मुलायम आणि मजबूत होतात.
शरीरावरील  काळे  डाग  
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*उपाय -----*

*१)*  नियमित  प्राणायाम  करा.
*२)*  पचनशक्ती  स्ट्राँग  ठेवा.
*३)*  पोट  साफ  राहूद्या.
*४)*  पालेभाज्या  व  फळभाज्या  खा.
*५)*  सकाळी  ऊठल्यावर  तोंडातील  लाळ  सर्व  डागांवर  चोळून  लावा.  तोंड  धुण्यापूर्वीची  लाळ  पाहिजे.  हा  जबरदस्त  उपाय  आहे.
*६)*  कोरफड  पानातील  गर  लावा.
*७)*  आवळा  रस /  पदार्थ  घ्या.
*८)*  डागांवर  कच्च्या  पपईचा  रस  लावा.
*९)*  कडुलिंबाची  पाने  आंघोळीच्या  पाण्यात  टाकून  पाणी  उकळवून  घ्या.  नंतर  त्याच  पाण्याने  आंघोळ  करा.  मात्र  साबण  वापरू  नका.
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     #     *आरोग्य   संदेश*     #

करा  योग,  पळतील  रोग. संपतील  भोग.
🍲 आहार तज्ञ - ऋजुता दिवेकर यांच्या मते  आहाराविषयीच्या संकल्पना.

🍲  *नियोजनबद्ध आहार कोणता?*

आपला भारतीय संस्कृतीतील आहार योग्य आहे. भाजी, पोळी, भात, आमटी, पोहे, उपमा हे पदार्थ अतिशय पौष्टिक आहेत. आपण आपला आहार सोडून अन्य पदार्थांचे पर्याय शोधतो. म्हणून खाद्यसंस्कृती बदलते आहे. आपले वेगळेपण आपणच जपले पाहिजे. आपल्या चौरस आहाराची किंमत आपल्यालाच समजत नाही, याची खंत आहे.
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🏃 *वाढलेली चरबी कशी कमी करावी?*

आपल्या खाण्या-पिण्याला शिस्त असेल, तर चरबी वाढणार नाही. वाढली तरी कमी होण्यासही मदत होईल. सलग ३० मिनिटे एका जागेवर बसू नका. आपण शरीराचा पुरेसा वापर करीत नाही म्हणून चरबी वाढते. दरवर्षी अर्ध्या किंवा एक किलोने वजन वाढते. वजन वाढते, याचा अर्थ आपण आळशी होत आहोत, हे समजून घ्या. म्हणून गरज आहे ती `मूव्ह मोअर अँड सिट लेस` या मंत्राची.
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🍇 *कोणती फळे खावीत?*

आंबा, केळे, सीताफळ, चिकू आणि द्राक्ष ही फळे प्रत्येक भारतीयाच्या आहारात आवर्जून आलीच पाहिजेत. आरोग्यासाठी केळे हे सर्वोत्तम असल्याचा दुजोरा आता जगभरातून मिळत आहे. बाळाच्या आहारातही आईच्या दुधानंतर फळांमध्ये केळ्याचाच समावेश होतो.

◆ *मधुमेहासाठी आहार कसा असावा?*

खरं तर मधुमेहींनी जे पदार्थ खाल्ले पाहिजेत, तेच पदार्थ डॉक्टर टाळण्यास सांगतात. मात्र, भात, केळं आणि तुपाचा समावेश आहारात अवश्य असावा. दोन जेवणांमध्ये फार अंतर ठेऊ नये, व्यायाम भरपूर करावा आणि अगदी झोपेपर्यंत टीव्ही पाहणे टाळावे.
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◆ *शुगर-फ्रीचा वापर करावा का?*

शुगर फ्री आहारातून वर्ज्यच करा. आहारात जेवढी साखर आवश्यक असते, तेवढी खावी. लाडू, हलवा यासारख्या घरी बनणाऱ्या गोड पदार्थांत वापरली जाणारी साखर आरोग्यासाठी चांगली असते. ऊस आणि गूळ यांना एकमेकांशी रिप्लेस करू नये. आवश्यकतेनुसार पदार्थात साखर किंवा गुळाचा वापर करावा. शरीरातील उष्णता वाढवायला गुळाची मदत होते.
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◆ *वाढतं वजन आणि ताण यांचा संबंध कसा आहे?*

वाढत्या ताणामुळे वजन वाढतं. फर्गेट, फर्गिव्ह आणि फॉर्वर्ड या सूत्रानुसार जीवन जगायला सुरवात केल्यास आयुष्यातील तणाव कमी होतील.
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● *कडधान्य कशी खावीत..*

आपण उसळ करताना कडधान्य शिजवून घेतो. त्यामुळे मोड आलेली कडधान्ये कच्ची कशासाठी खायची? ती उकडून, उसळ करून खाणेच योग्य.

● *जेवणात कोणते तेल आणि किती वापरावे?*

शेंगदाण्याचे घाण्यावरून करून आणलेले तेल स्वयंपाकासाठी सर्वोत्तम आहे. शंभर ग्रॅम शेंगदाण्याचे २५ ते ३० टक्के तेल निघते. बाकी चोथा वाया जातो. तेल बनविण्याची पारंपरिक पद्धत अतिशय शुद्ध आहे. आहारात तेल बदलण्याची गरज नसते. पिशव्या किंवा डब्यांमध्ये मिळणारे आणि हृदयाच्या आकाराचे चित्र डब्यांवर दिसणारे तेल आरोग्याला योग्य नाही. तेल जेवढे वापरावेसे वाटते, तेवढे वापरावे. लोणचे, तळलेला पापड, भजी हे पदार्थ आहारात आलेच पाहिजेत. जास्त तेल पोटात जाईल, म्हणून ते खाणे टाळू नये.
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🚫 *आहारातून ड जीवनसत्त्व कमी झाल्यास काय होते?*

शरीरात हवे असलेले फॅट मिळत नाहीत, म्हणून ड जीवनसत्व कमी होते. वेळेवर त्यावर उपाय न केल्यास हाडे दुखतात, केस गळतात, त्वचेवर डाग पडतात. मधुमेह किंवा कॅन्सर होण्यापर्यंत ही पातळी जाऊ शकते.

*आजकाल बिझी रुटीनमुळे व्यायाम करणे अनेकांना शक्य होत नाही. व्यायामाला दुसरा काही पर्याय आहे का?*

आजच्या युगात आपण नवीन गाडी घेतली, तरीसुद्धा ती नियमितपणे चालवतो. बाहेरगावी गेलो, तरी शेजारी किंवा नातेवाईकांना गाडी सुरू ठेवायला सांगतो. व्यायामाचेसुद्धा तसेच आहे. व्यायामाला कोणताही पर्याय नाही, तो नियमितपणे केलाच पाहिजे. अंग दुखतं, म्हणून व्यायाम करत नाही, अशी सबब अनेक जण देतात. पण खरे तर व्यायाम करत नाही, म्हणून अंग दुखतं. व्यायाम करण्यासाठी आठवड्यात फक्त १५० मिनिटे लागतात. आठवड्याच्या व्यायामाचे नीट प्लानिंग करून ते वेळापत्रक पाळले जायला हवे. व्यायाम अनेकदा उद्यावर ढकलला जातो, त्याचं योग्य नियोजन होत नाही, त्याचं गांभीर्य लोकांच्या लक्षात येत नाही.
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✌ *दोन- दोन तासाने खा, असे सांगितले जाते. हे योग्य की अयोग्य?*

सकाळी उठल्या उठल्या आपण चहाने सुरुवात केली, तर दिवसभराची भूक मरते आणि दिवसभराचे रुटीन बिघडते. दोन- दोन तासाने खावे. सकाळी उठून एखादं केळ खाल्लं की, आपण नंतर नीट नाश्ता करू शकतो. सकाळी नाश्त्याला डोसा, घावन, थालीपीठ असं खावं. त्यानंतर जेवणाआधी पन्हं, कोकम सरबत यासारखं पेय घेऊन त्यानंतर आपण नियमित जेवण घेऊ शकतो. जेवताना शक्यतो पाणि पिऊ नये,जेवणाच्या अर्धा तास आधी एक ग्लास पाणि प्यावे व जेवणानंतर एक तासाने पाणि प्यावे.त्यानंतर मध्ये एखाद- दुसरं फळ, संध्याकाळी चार ते सहाच्या मध्ये पुन्हा सकाळच्या नाश्त्याप्रमाणे आहार घेतला की, आपल्याला रात्री फार भूक लागत नाही. मग रात्री पेज किंवा भात खावा, म्हणजे आपल्याला शांत झोप लागू शकते.

🍚 *घरी केलेले चिवडा, लाडू खाण्याची योग्य वेळ कोणती?*

चिवडा आणि लाडू आपण कधीही खाण्यासाठीच तयार करून ठेवतो. चिवड्यासारखी व्हर्सेटाइल गोष्ट कोणतीच नाही. चिवडा कशातही मिक्स करून खाऊ शकतो, त्यामुळे चिवडा कोणत्याही वेळी खाता येईल. लाडूसुद्धा संध्याकाळी ५-६च्या आसपास किंवा सकाळी नाश्त्यालासुद्धा लाडू चांगला.
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👨👩 *वाढत्या वयाबरोबर कसा व्यायाम करावा ?*

वयानुसार आपलं शरीर बदलतं, पण ते बिघडू देऊ नये. आपलं रुटीन नियमित फॉलो केलं पाहिजे. आठवड्याला १५० मिनिटे व्यायाम केला, तर ते कोणत्याही वयाला चालतं. वय वाढलं म्हणून व्यायाम कमी करण्याची गरज नाही.

💧 *सकाळी उठून गरम पाणी प्यायल्याने चरबी कमी होते, असा समज आहे. यात किती तथ्य आहे?*

सकाळी उठल्यावर आवड म्हणून गरम पाणी पिण्यास काहीच हरकत नाही. पण त्यामुळे चरबी अजिबात कमी होत नाही. सकाळी उठल्यावर साधं, माठाचं किंवा गरम कोणतेही पाणी आपण पिऊ शकतो.

🍲 *साखरेऐवजी गूळ वापरल्याने फायदा होतो का ?*

प्रत्येक गोष्टीचा एक विशिष्ट गुणधर्म असतो. त्यामुळे ज्या गोष्टीत साखर वापरण्याची गरज आहे, त्यात साखर वापरली पाहिजे आणि ज्या गोष्टीत गूळ वापरण्याची गरज आहे, त्यात गूळच वापरला पाहिजे. अन्यथा पदार्थाची चव बिघडते. साखर ही चांगलीच आहे. उगाच साखरेच नाव वाईट आहे. साखरेने उष्णता कमी होते, तर गुळाने उष्णता वाढते. त्यामुळे आपण पदार्थानुसार साखर किंवा गूळ वापरावा,
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🙆 *केस, त्वचेसाठी काय सल्ला.*

केस गळण्यापासून वाचण्यासाठी तसेच तजेलदार त्वचेसाठी आहारात भात, नारळ, तूप यांचा समावेश हवा. आहारामध्ये हळदीचा समावेश असण्याची गरज आहे. हळद केसांच्या वाढीसाठी फायदेशीर आहे.

🌞 *आपला दिवस कसा असतो?*
मी ज्या शहरात असेन, त्यानुसार दिवस प्लॅन करते. ऋतूमानानुसार आणि स्थानिक पदार्थांना आहारात प्राधान्य देतेत. रोज सकाळी पोहे खाते. सध्या उन्हाळ्यामुळे कोकम आणि पन्हं घेते. जे आवडतं, तेच पदार्थ खाते. जे पदार्थ शरीराला लागतात, ते आवर्जून खाते. कारण, आपण जे खातो, तेच आपल्या चेहऱ्यावर दिसते.

🍌 *फळ किंवा सुका मेव्याने दिवसाची सुरुवात करा*

🍲 *नाश्त्याला पोहे, उपमा, शिरा खा*

🍷 *जेवणापर्यंतच्या वेळेत सरबत घ्या*

🍎 *जेवणानंतर एखादे फळ खा*

🍲 *संध्याकाळी गूळ, तूप, पोळी किंवा फोडणीचा भात*

😇  *रात्री   ८.३०  च्या दरम्यान हलका आहार घ्या*

हलका आहार घेतल्याने झोप चांगली लागते आणि दुसऱ्या दिवशी व्यायाम करण्यास उत्साह राहतो.
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*आहारातून  उपचार*

पुढील  आजार  झाल्यास  त्यांच्या  खाली  दिलेले  अन्नपदार्थ  खा.  आजार  लवकर  बरे  होतील.

*१)  आम्लपित्त :-*
काळी  मनुका,  आलं,  थंड  दुध,  आवळा, जिरे  खा.

*२)  मलावरोध  :-*
पेरु,  पपई,  चोथा /  फायबरयुक्त  असलेले  अन्न,  दुध + पाणी,  कोमटपाणी ,  त्रिफळा  चूर्ण  घ्या.  पोटाचे  व्यायाम  करा,  टाँयलेटला  बसल्यावर  हनुवटी  प्रेस  करा.  लवकर  पोट  साफ  होते.

*३)  हार्टअटैक / ब्लॉकेज :-*
लसूण,  कांदा,  आलं  खा.  रक्ताच्या  गाठी  होत  नाहीत.  रक्ताभिसरण  उत्तम  होते.

*४)  डिसेन्टरी / जुलाब :-*
कापूर  +  गुळ  एकत्र  करून  खा.  त्यावर  पाणी  प्या.  लगेच  गुण  येतो.

*५)  खोकला :-*
२ / ३   काळीमिरी  चोखा.  दिवसातून  तीन  वेळा.  खोकला  थांबतो.

*६)  मुळव्याध :-*
नारळाची  शेंडी  जाळून  राख  ताकातून  दिवसातून  २ / ३  वेळा  घ्या.  चांगला  गुण  येतो.  रामदेव  बाबांचा  उपाय  आहे.

*७)  दारूचे  व्यसन :-*
वारंवार  गरम  पाणी  प्या.  तसेच  दारू  पिण्याची  आठवण  येईल  त्यावेळी  जरूर  गरमच  पाणी  प्या.  २ / ३  महीन्यात  दारू  सुटेल.

*८)  डोळे  येणे :-*
डोळ्यांना  गाईचे  तुप  लावा.  आराम  पडेल.  कापूर  जवळ  ठेवा.  संसर्ग  वाढणार  नाही.

*९)  स्टोन :-*
पानफुटीची  पाने  खा.  कुळीथ  भाजी  खा.  भरपूर  पाणी  प्या.  

*१०)   तारूण्यासाठी :-*
भाज्यांचा  रस,  आरोग्य  पेय,  फळे  खा. गव्हांकुराचा  रस,  Green  Tea  ,प्या.
🌺🌺🌺े

    📢     *आरोग्य  संदेश*    🔔

*संतुलित  आहारात  उपचार  आहेत खरे, सर्वच    आजार     नक्कीच  होतील  बरे.*
  

*आर्टीकल जरा मोठे आहे ,पण जीवनावश्यक आहे*🙏🙏🙏🙏🌹

Sunday, June 7, 2020

कोरोना उपचार

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
🏥बांधवांनो,,,
के.ई. एम.हॉस्पिटल
मधील एका नामांकित डॉक्टरने सदर लेख पाठविला आहे!
पूर्ण वाचा,,आणि 
निश्चिंत रहा!
 तसेच यातील उपचार पद्धती आपण आपल्या फेमिलीं डॉ.च्या 
सल्ल्यानेच करा!
 *कोरोनाला अजिबात घाबरू नका!*

1)जर सुरुवातीला सुका खोकला येत असेल तर जेवणात  चेंजेस करा, डाळ भात, खिचडी, इडली, उपमा, पोहे असे पदार्थ खा ज्यात जास्त तेल आणि मसाला जास्त नसेल.

अद्रकवाली (आले) चहा,आणि लवंग खा दिवसातून एकदा.

रोज रात्री दुधात हळदी टाकून प्या.
नियमित गरम पाणी प्या.

जास्त खोकला असेल तर 👇

🌼Tab Azee 500 1-0-1× 7 days चालू करा

🌼C Omee D 1-0-1× 7 days
15 मिनिट जेवणा अगोदर घ्या.
म्हणजे अँटिबायोटिक घेतल्याने ऍसिडिटी होणार नाही.

💪व्हिटॅमिन C साठी Tab Limcee   1-0-0× 15 दिवस

🙈2) ताप येत असेल तर Tab Dolo 650 घ्या तुम्ही दर 6 तासाने परत घेऊ शकता जास्त ताप असेल तर

🙊3) 3 दिवसात ठीक वाटायला हवे तरी दम लागायला लागला तर डॉक्टरचा सल्ला घ्या, X ray काढा.

🙊4)खोकल्याच औषध चालू करा

Syp Asthakind Dx 2 चमचे 3 वेळा 1-1-1

👇5) X Ray मध्ये न्यूमोनिया आला तर 

Tab Tamiflu 75 1-0-1× 5 days

Tab HCQS चालू करा पण त्यापूर्वी एक कार्डिओग्राम(ECG, छातीची पट्टी) काढा नॉर्मल असेल तर ह्या गोळया चालू करा.

Tab HCQS 400 1-0-1× 1 दिवस

TAB HCQS 200 1-0-1× 4 दिवस

😄हाच कोर्स चालू करतात सर्व हॉस्पिटलमध्ये फक्त एवढंच असत जास्त त्रास होत असेल कुणाला तर त्याला ऍडमिट करून उपचार करावे लागतात.
आणि ऑक्सिजन दिवसातून 18 तास तरी द्यावा लागतो.

💪80% लोक घरीच बरे होतात, फक्त ज्यांना दम लागतो असे 10% लोकांना ऍडमिट करावं लागतं.

ज्याला कोणत्याही हॉस्पिटलमध्ये बेड भेटणार नाही त्यांनी हा उपचार चालू करून स्वतःला सुरक्षित ठेवू शकता. कारण येणार काळ खूपच भीषण आहे की आपल्याला बेड पण भेटणार नाही. अशा परिस्थितीत तुमच्याकडे मी अशी माहिती पाठवतोय ज्याने तुमचा त्रास वाढणार नाही.

😇तसेच काही त्रास वाढू नये म्हणून किंवा रोगप्रतिकारक शक्ती वाढवण्यासाठी तुम्ही 
होमिओपॅथीक मेडिसिन 
Arsenic Alb 30 X 
6 गोळ्या मोठ्या माणसांना उपाशीपोटी द्यायच्या

आणि लहान मुलांना 3 गोळ्या द्यायच्या
3 दिवस रोज सकाळी उपाशीपोटी

आणि एक महिन्याने परत सेम डोस परत घ्यायचा

तुमच्यासाठी आज हा लेख  ज्यांनी लिहिला त्यांस लाख लाख धन्यवाद! कोरोनाविषयी ज्यांना योग्य माहिती नाही किंवा जे घाबरतात त्यांच्यासाठी.
आणि ज्यांना हॉस्पिटलमध्ये प्रवेश 
मिळत नाही,,,
🙏🏻अशा सर्व आपल्या गोरगरीब 
जनतेसाठी,,
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
कृपया हा लेख सर्व
सामान्यांपर्यंत पोहचू दया!
आणि आपणही संग्रही ठेवा,,
 सर्व सरकारी वा 
खाजगी रुग्णालयात
असेच उपचार केले जातात!
 आणि आपण खाजगी हॉस्पिटलमध्ये दाखल झाल्यानंतर
उगाचच लाखो रुपयांची उलाढाल करून फसतो!
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

Monday, June 1, 2020

मंदिर में दर्शन के बाद बाहर सीढ़ी**पर थोड़ी देर क्यों बैठा जाता है❓*

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*प्रश्न~ मंदिर में दर्शन के बाद बाहर सीढ़ी*
        *पर थोड़ी देर क्यों बैठा जाता है❓*

     *उत्तर ~* परम्परा हैं कि किसी भी मंदिर में दर्शन के बाद बाहर आकर मंदिर की पैड़ी या ऑटले पर थोड़ी देर बैठना। क्या आप जानते हैं इस परंपरा का क्या कारण है ?
     यह प्राचीन परंपरा एक विशेष उद्देश्य के लिए बनाई गई है। वास्तव में मंदिर की पैड़ी पर बैठ कर एक श्लोक बोलना चाहिए। यह श्लोक आजकल के लोग भूल गए हैं। इस लोक को मनन करें और आने वाली पीढ़ी को भी बताएं। श्लोक इस प्रकार है ~
            *अनायासेन मरणम् ,*
            *बिना देन्येन जीवनम्।*
            *देहान्त तव सानिध्यम् ,*
            *देहि मे परमेश्वरम्॥*

      इस श्लोक का अर्थ है ~
  *अनायासेन मरणम्* अर्थात् बिना तकलीफ के हमारी मृत्यु हो और कभी भी बीमार होकर बिस्तर पर न पड़ें, कष्ट उठाकर मृत्यु को प्राप्त ना हों चलते फिरते ही हमारे प्राण निकल जाएं।
  *बिना देन्येन जीवनम्* अर्थात् परवशता का जीवन ना हो। कभी किसी के सहारे ना रहाना पड़े। जैसे कि लकवा हो जाने पर व्यक्ति दूसरे पर आश्रित हो जाता है वैसे परवश या बेबस ना हों। ठाकुर जी की कृपा से बिना भीख के ही जीवन बसर हो सकें।
  *देहांते तव सानिध्यम* अर्थात् जब भी मृत्यु हो तब भगवान के सम्मुख हो। जैसे भीष्म पितामह की मृत्यु के समय स्वयं ठाकुर (कृष्ण जी) उनके सम्मुख जाकर खड़े हो गए। उनके दर्शन करते हुए प्राण निकले।
  *देहि में परमेश्वरं* हे परमेश्वर ऐसा वरदान हमें देना।

    *भगवान से प्रार्थना करते हुऐ उपरोक्त श्र्लोक का पाठ करें।* गाड़ी, लाडी, लड़का, लड़की, पति, पत्नी, घर, धन इत्यादि (अर्थात् संसार) नहीं मांगना है, यह तो भगवान आप की पात्रता के हिसाब से खुद आपको देते हैं। इसीलिए दर्शन करने के बाद बैठकर यह प्रार्थना अवश्य करनी चाहिए। यह प्रार्थना है, याचना नहीं है। याचना सांसारिक पदार्थों के लिए होती है। जैसे कि घर, व्यापार,नौकरी, पुत्र, पुत्री, सांसारिक सुख, धन या अन्य बातों के लिए जो मांग की जाती है वह याचना है वह भीख है।

     *'प्रार्थना' शब्द के 'प्र' का अर्थ होता है 'विशेष' अर्थात् विशिष्ट, श्रेष्ठ और 'अर्थना' अर्थात् निवेदन। प्रार्थना का अर्थ हुआ विशेष निवेदन।*

     मंदिर में भगवान का दर्शन सदैव खुली आंखों से करना चाहिए, निहारना चाहिए। कुछ लोग वहां आंखें बंद करके खड़े रहते हैं। आंखें बंद क्यों करना, हम तो दर्शन करने आए हैं। भगवान के स्वरूप का, श्री चरणों का, मुखारविंद का, श्रृंगार का, *संपूर्ण आनंद लें, आंखों में भर ले निज-स्वरूप को।*
      *दर्शन के बाद जब बाहर आकर बैठें, तब नेत्र बंद करके जो दर्शन किया हैं उस स्वरूप का ध्यान करें। मंदिर से बाहर आने के बाद, पैड़ी पर बैठ कर स्वयं की आत्मा का ध्यान करें तब नेत्र बंद करें और अगर निज आत्मस्वरूप ध्यान में भगवान नहीं आए तो दोबारा मंदिर में जाएं और पुन: दर्शन करें।*
             ॥ सत्यम परम् धीमहि ॥

Sunday, May 3, 2020

Love जिहाद से बचाव

https://chat.whatsapp.com/Km9i7wcuPZKIeIFL4CkaPz
ट्रैन के ए.सी. कम्पार्टमेंट में मेरे सामने की सीट पर बैठी लड़की ने मुझसे पूछा " हैलो, क्या आपके पास इस मोबाइल की पिन है??" 

उसने अपने बैग से एक फोन निकाला था, और नया सिम कार्ड उसमें डालना चाहती थी। लेकिन सिम स्लॉट खोलने के लिए पिन की जरूरत पड़ती है जो उसके पास नहीं थी। मैंने हाँ में गर्दन हिलाई और सीट के नीचे से अपना बैग निकालकर उसके टूल बॉक्स से पिन ढूंढकर लड़की को दे दी। लड़की ने थैंक्स कहते हुए पिन ले ली और सिम डालकर पिन मुझे वापिस कर दी। 

थोड़ी देर बाद वो फिर से इधर उधर ताकने लगी, मुझसे रहा नहीं गया.. मैंने पूछ लिया "कोई परेशानी??"

वो बोली सिम स्टार्ट नहीं हो रही है, मैंने मोबाइल मांगा, उसने दिया। मैंने उसे कहा कि सिम अभी एक्टिवेट नहीं हुई है, थोड़ी देर में हो जाएगी। और एक्टिव होने के बाद आईडी वेरिफिकेशन होगा उसके बाद आप इसे इस्तेमाल कर सकेंगी। 

लड़की ने पूछा, आईडी वेरिफिकेशन क्यों?? 

मैंने कहा " आजकल सिम वेरिफिकेशन के बाद एक्टिव होती है, जिस नाम से ये सिम उठाई गई है उसका ब्यौरा पूछा जाएगा बता देना"

लड़की बुदबुदाई  "ओह्ह "

मैंने दिलासा देते हुए कहा "इसमे कोई परेशानी की कोई बात नहीं"

वो अपने एक हाथ से दूसरा हाथ दबाती रही, मानो किसी परेशानी में हो। मैंने फिर विन्रमता से कहा "आपको कहीं कॉल करना हो तो मेरा मोबाइल इस्तेमाल कर लीजिए"

लड़की ने कहा "जी फिलहाल नहीं, थैंक्स, लेकिन ये सिम किस नाम से खरीदी गई है मुझे नहीं पता"

मैंने कहा "एक बार एक्टिव होने दीजिए, जिसने आपको सिम दी है उसी के नाम की होगी" 

उसने कहा "ओके, कोशिश करते हैं" 

मैंने पूछा "आपका स्टेशन कहाँ है??"

लड़की ने कहा "दिल्ली"

और आप?? लड़की ने मुझसे पूछा 

मैंने कहा "दिल्ली ही जा रहा हूँ, एक दिन का काम है,

आप दिल्ली में रहती हैं या...?"

लड़की बोली "नहीं नहीं, दिल्ली में कोई काम नहीं , ना ही मेरा घर है वहाँ"

तो ???? मैंने उत्सुकता वश पूछा

वो बोली "दरअसल ये दूसरी ट्रेन है, जिसमे आज मैं हूँ, और दिल्ली से तीसरी गाड़ी पकड़नी है, फिर हमेशा के लिए आज़ाद" 

आज़ाद?? 
लेकिन किस तरह की कैद से?? 
मुझे फिर जिज्ञासा हुई किस कैद में थी ये कमसिन अल्हड़ सी लड़की.. 

लड़की बोली, उसी कैद में थी जिसमें हर लड़की होती है। जहाँ घरवाले कहे शादी कर लो, जब जैसा कहे वैसा करो। मैं घर से भाग चुकी हुँ..

मुझे ताज्जुब हुआ मगर अपने ताज्जुब को छुपाते हुए मैंने हंसते हुए पूछा "अकेली भाग रही हैं आप? आपके साथ कोई नजर नहीं आ रहा? "

वो बोली "अकेली नहीं, साथ में है कोई"

कौन? मेरे प्रश्न खत्म नहीं हो रहे थे

दिल्ली से एक और ट्रेन पकड़ूँगी, फिर अगले स्टेशन पर वो जनाब मिलेंगे, और उसके बाद हम किसी को नहीं मिलेंगे..

ओह्ह, तो ये प्यार का मामला है। 

उसने कहा "जी"

मैंने उसे बताया कि 'मैंने भी लव मैरिज की है।'

ये बात सुनकर वो खुश हुई, बोली "वाओ, कैसे कब?" लव मैरिज की बात सुनकर वो मुझसे बात करने में रुचि लेने लगी

मैंने कहा "कब कैसे कहाँ? वो मैं बाद में बताऊंगा पहले आप बताओ आपके घर में कौन कौन है?

उसने होशियारी बरतते हुए कहा " वो मैं आपको क्यों बताऊं? मेरे घर में कोई भी हो सकता है, मेरे पापा माँ भाई बहन, या हो सकता है भाई ना हो सिर्फ बहने हो, या ये भी हो सकता है कि बहने ना हो और 2-4 गुस्सा करने वाले बड़े भाई हो" 

मतलब मैं आपका नाम भी नहीं पूछ सकता "मैंने काउंटर मारा"

वो बोली, 'कुछ भी नाम हो सकता है मेरा, टीना, मीना, रीना, अंजली कुछ भी' 

बहुत बातूनी लड़की थी वो.. थोड़ी इधर उधर की बातें करने के बाद उसने मुझे ट्रॉफी दी जैसे छोटे बच्चे देते हैं क्लास में, 
बोली आज मेरा बर्थडे है। 

मैंने उसकी हथेली से ट्रॉफी उठाते बधाई दी और पूछा "कितने साल की हुई हो?"

वो बोली "18" 

"मतलब भागकर शादी करने की कानूनी उम्र हो गई आपकी" मैंने काउंटर किया

वो "हंसी"

कुछ ही देर में काफी फ्रैंक हो चुके थे हम दोनों। जैसे बहुत पहले से जानते हो एक दूसरे को.. 

मैंने उसे बताया कि "मेरी उम्र 28 साल है, यानि 10 साल बड़ा हुँ"

उसने चुटकी लेते हुए कहा "लग भी रहे हो"

मैं मुस्कुरा दिया

मैंने उसे पूछा "तुम घर से भागकर आई हो, तुम्हारे चेहरे पर चिंता के निशान जरा भी नहीं है, इतनी बेफिक्री मैंने पहली बार देखी" 

खुद की तारीफ सूनकर वो खुश हुई, बोली "मुझे उन जनाब ने (प्रेमी ने) पहले से ही समझा दिया था कि जब घर से निकलो तो बिल्कुल बिंदास रहना, घरवालों के बारे में बिल्कुल मत सोचना, बिल्कुल अपना मूड खराब मत करना, सिर्फ मेरे और हम दोनों के बारे में सोचना और मैं वही कर रही हूँ"

मैंने फिर चुटकी ली, कहा "उसने तुम्हे मुझ जैसे अनजान मुसाफिरों से दूर रहने की सलाह नहीं दी?"

उसने हंसकर जवाब दिया "नहीं, शायद वो भूल गया होगा ये बताना"

मैंन

े उसके प्रेमी की तारीफ करते हुए कहा *" वैसे तुम्हारा बॉय फ्रेंड काफी टेलेंटेड

है, उसने किस तरह से तुम्हे अकेले घर से रवाना किया, नई सिम और मोबाइल दिया, तीन ट्रेन बदलवाई.. ताकि कोई ट्रेक ना कर सके, वेरी टेलेंटेड पर्सन"*

लड़की ने हामी भरी,बोली " बोली बहुत टेलेंटेड है वो, उसके जैसा कोई नहीं"

मैंने उसे बताया कि "मेरी शादी को 5 साल हुए हैं, एक बेटी  है 2 साल की, ये देखो उसकी तस्वीर" 

मेरे फोन पर बच्ची की तस्वीर देखकर उसके मुंह से निकल गया "सो क्यूट"

मैंने उसे बताया कि "ये जब पैदा हुई, तब मैं कुवैत में था, एक पेट्रो कम्पनी में बहुत अच्छी जॉब थी मेरी, बहुत अच्छी सेलेरी थी.. फिर कुछ महीनों बाद मैंने वो जॉब छोड़ दी, और अपने ही कस्बे में काम करने लगा।" 

लड़की ने पूछा जॉब क्यों छोड़ी?? 

मैंने कहा "बच्ची को पहली बार गोद में उठाया तो ऐसा लगा जैसे स्वर्ग(जन्नत) मेरे हाथों में है, 30 दिन की छुट्टी पर घर आया था, वापस जाना था लेकिन जा ना सका। इधर बच्ची का बचपन खर्च होता रहे उधर मैं पूरी दुनिया कमा लूं, तब भी घाटे का सौदा है। मेरी दो टके की नौकरी, बचपन उसका लाखों का.." 

उसने पूछा "क्या बीवी बच्चों को साथ नहीं ले जा सकते थे वहाँ?"

मैंने कहा "काफी टेक्निकल मामलों से गुजरकर एक लंबी अवधि के बाद रख सकते हैं, उस वक्त ये मुमकिन नहीं था.. मुझे दोनों में से एक को चुनना था, आलीशान रहन सहन के साथ नौकरी या परिवार.. मैंने परिवार चुना अपनी बेटी को बड़ा होते देखने के लिए। मैं कुवैत वापस गया था, लेकिन अपना इस्तीफा देकर लौट आया।"

लड़की ने कहा "वेरी इम्प्रेसिव"  

मैं मुस्कुराकर खिड़की की तरफ देखने लगा

लड़की ने पूछा "अच्छा आपने तो लव मैरिज की थी न,फिर आप भागकर कहाँ गए??
कैसे रहे और कैसे गुजरा वो वक्त??

उसके हर सवाल और हर बात में मुझे महसूस हो रहा था कि ये लड़की लकड़पन के शिखर पर है, बिल्कुल नासमझ और मासूम छोटी बहन सी। 

मैंने उसे बताया कि हमने भागकर शादी नहीं की, और ये भी है कि उसके पापा ने मुझे पहली नजर में सख्ती से रिजेक्ट कर दिया था।" 

उन्होंने आपको रिजेक्ट क्यों किया?? लड़की ने पूछा

मैंने कहा "रिजेक्ट करने का कुछ भी कारण हो सकता है, मेरी जाति, मेरा काम, मेरा कुल कबीला,घर परिवार, नस्ल या नक्षत्र..इन्ही में से कोई काट होती है जिसके इस्तेमाल से जुड़ते हुए रिश्तों की डोर को काटा जा सकता है" 

"बिल्कुल सही", लड़की ने सहमति दर्ज कराई और आगे पूछा "फिर आपने क्या किया?"

मैंने कहा "मैंने कुछ नहीं किया,उसके पिता ने रिजेक्ट कर दिया वहीं से मैंने अपने बारे में अलग से सोचना शुरू कर दिया था। खुशबू ने मुझे कहा कि भाग चलते हैं, मेरी वाइफ का नाम खुशबू है..मैंने दो टूक मना कर दिया। वो दो दिन तक लगातार जोर देती रही, कि भाग चलते हैं। मैं मना करता रहा.. मैंने उसे समझाया कि *"भागने वाले जोड़े में लड़के की इज़्ज़त पर पर कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ता, जबकि लड़की का पूरा कुल धुल जाता है। फिल्मों में नायक ही होता है जो अपनी प्रेमिका को भगा ले जाए और वास्तविक जीवन में भी प्रेमिका को भगाकर शादी करने वाला नायक ही माना जाता है। लड़की भगाने वाले लड़के के दोस्तों में उस लड़के का दर्जा बुलन्द हो जाता है, भगाने वाला लड़का हीरो माना जाता है लेकिन इसके विपरीत जो लड़की प्रेमी संग भाग रही है वो कुल्टा कहलाती है, मुहल्ले के लड़के उसे चालू ठीकरा कहते हैं। बुराइयों के तमाम शब्दकोष लड़की के लिए इस्तेमाल किये जाते हैं। भागने वाली लड़की आगे चलकर 60 साल की वृद्धा भी हो जाएगी तब भी जवानी में किये उस कांड का कलंक उसके माथे पर से नहीं मिटता। मैं मानता हूँ कि लड़का लड़की को तौलने का ये दोहरा मापदंड गलत है, लेकिन हमारे समाज में है तो यही , ये नजरिया गलत है मगर सामाजिक अस्तित्व में यही है, लोगों के अवचेतन में भागने वाली लड़की की भद्दी तस्वीर होती है।* मैं तुम्हारी पीठ को छलनी करके सुखी नहीं रह सकता, तुम्हारे माँ बाप को दुखी करके अपनी ख्वाहिशें पूरी नहीं कर सकता।"

वो अपने नीचे का होंठ दांतो तले पीसने लगी, उसने पानी की बोतल का ढक्कन खोलकर एक घूंट अंदर सरकाया। 

मैंने कहा अगर मैं उस दिन उसे भगा ले जाता तो उसकी माँ तो शायद कई दिनों तक पानी भी ना पीती। इसलिए मेरी हिम्मत ना हुई कि ऐसा काम करूँ.. मैं जिससे प्रेम करूँ उसके माँ बाप मेरे माँ बाप के समान ही है। चाहे शादी ना हो, तो ना हो।

कुछ पल के लिए वो सोच में पड़ गई , लेकिन मेरे बारे में और अधिक जानना चाहती थी, उसने पूछा "फिर आपकी शादी कैसे हुई???

मैंने बताया कि " खुशबू की सगाई कहीं और कर दी गई थी। धीरे धीरे सबकुछ नॉर्मल होने लगा था। खुशबू और उसके मंगेतर की बातें भी होने लगी थी फोन पर, लेकिन जैसे जैसे शादी नजदीक आने लगी, उन लोगों की डिमांड बढ़ने लगी"

डिमांड मतलब 'लड़की ने पूछा'

डिमांड का एक ही मतलब होता है, दहेज की डिमांड। परिवार में सबको सोने से बने तोहफे दो, दूल्हे को लग्जरी कार

चाहिए, सास और ननद को नेकलेस दो वगैरह वगैरह, बोले हमारे यहाँ रीत है। लड़का भी

इस रीत की अदायगी का पक्षधर था। वो सगाई मैंने येन केन प्रकरेण तुड़वा डाली.. फिर किसी तरह घरवालों को समझा बुझा कर मैं फ्रंट पर आ गया और हमारी शादी हो गई। ये सब किस्मत की बात थी.. 

लड़की बोली "चलो अच्छा हुआ आप मिल गए, वरना वो गलत लोगों में फंस जाती" 

मैंने कहा *"जरूरी नहीं कि माता पिता का फैसला हमेशा सही हो, और ये भी जरूरी नहीं कि प्रेमी जोड़े की पसन्द सही हो.. दोनों में से कोई भी गलत या सही हो सकता है..काम की बात यहाँ ये है कि कौन ज्यादा वफादार है।"*

लड़की ने फिर से पानी का घूंट लिया और मैंने भी.. लड़की ने तर्क दिया कि *"हमारा फैसला गलत हो जाए तो कोई बात नहीं, उन्हें ग्लानि नहीं होनी चाहिए"*

मैंने कहा *"फैसला ऐसा हो जो दोनों का हो,बच्चो और माता पिता दोनों की सहमति, वो सबसे सही है। बुरा मत मानना मैं कहना चाहूंगा कि तुम्हारा फैसला तुम दोनों का है, जिसमे तुम्हारे पेरेंट्स शामिल नहीं है, ना ही तुम्हे इश्क का असली मतलब पता है अभी"*
उसने पूछा "क्या है इश्क़ का सही अर्थ?" 
मैंने कहा *"तुम इश्क में हो, तुम अपना सबकुछ छोड़कर चली आई  ये इश्क़ है, तुमने दिमाग पर जोर नहीं दिया ये इश्क है, फायदा नुकसान नहीं सोचा ये इश्क है...तुम्हारा दिमाग़ दुनियादारी के फितूर से बिल्कुल खाली था, उस खाली स्पेस में इश्क इनस्टॉल कर दिया गया। जिन जनाब ने इश्क को इनस्टॉल किया वो इश्क में नहीं है.. यानि तुम जिसके साथ जा रही हो वो इश्क में नहीं, बल्कि होशियारी हीरोगिरी में है। जो इश्क में होता है वो इतनी प्लानिंग नहीं कर पाता है, तीन ट्रेनें नहीं बदलवा पाता है, उसका दिमाग इतना काम ही नहीं कर पाता.. कोई कहे मैं आशिक हुँ, और वो शातिर भी हो ये नामुमकिन है।*

*मजनू इश्क में पागल हो गया था, लोग पत्थर मारते थे उसे, इश्क में उसकी पहचान तक मिट गई। उसे दुनिया मजून के नाम से जानती है जबकि उसका असली नाम कैस था जो नहीं इस्तेमाल किया जाता। वो शातिर होता तो कैस से मजनू ना बन पाता। फरहाद ने शीरीं के लिए पहाड़ों को खोदकर नहर निकाल डाली थी और उसी नहर में उसका लहू बहा था, वो इश्क़ था। इश्क़ में कोई फकीर हो गया, कोई जोगी हो गया, किसी मांझी ने पहाड़ तोड़कर रास्ता निकाल लिया..किसी ने अतिरिक्त दिमाग़ नहीं लगाया..*
*लालच ,हवस और हासिल करने का नाम इश्क़ नहीं है.. इश्क समर्पण करने को कहते हैं जिसमें इंसान सबसे पहले खुद का समर्पण करता है, जैसे तुमने किया, लेकिन तुम्हारा समर्पण हासिल करने के लिए था, यानि तुम्हारे इश्क में लालच की मिलावट हो गई ।*
लकड़ी अचानक से खो सी गई.. उसकी खिलख़िलाहट और लपड़ापन एकदम से खमोशी में बदल गया.. मुझे लगा मैं कुछ ज्यादा बोल गया, फिर भी मैंने जारी रखा, मैंने कहा *" प्यार तुम्हारे पापा तुमसे करते हैं, कुछ दिनों बाद उनका वजन आधा हो जाएगा, तुम्हारी माँ कई दिनों तक खाना नहीं खाएगी ना पानी पियेगी.. जबकि आपको अपने आशिक को आजमा कर देख लेना था, ना तो उसकी सेहत पर फर्क पड़ता, ना दिमाग़ पर, वो अक्लमंद है, अपने लिए अच्छा सोच लेता।*
*आजकल गली मोहल्ले के हर तीसरे लौंडे लपाडे को जो इश्क हो जाता है, वो इश्क नहीं है, वो सिनेमा जैसा कुछ है। एक तरह की स्टंटबाजी, डेरिंग, अलग कुछ करने का फितूर..और कुछ नहीं।*
लड़की का चेहरे का रंग बदल गया, ऐसा लग रहा था वो अब यहाँ नहीं है, उसका दिमाग़ किसी अतीत में टहलने निकल गया है। मैं अपने फोन को स्क्रॉल करने लगा.. लेकिन मन की इंद्री उसकी तरफ थी। 
थोड़ी ही देर में उसका और मेरा स्टेशन आ गया.. बात कहाँ से निकली थी और कहाँ पहुँच गई.. उसके मोबाइल पर मैसेज टोन बजी, देखा, सिम एक्टिवेट हो चुकी थी.. उसने चुपचाप बैग में से आगे का टिकट निकाला और फाड़ दिया.. मुझे कहा एक कॉल करना है, मैंने मोबाइल दिया.. उसने नम्बर डायल करके कहा *"सोरी पापा, और सिसक सिसक कर रोने लगी, सामने से पिता भी फोन पर बेटी को संभालने की कोशिश करने लगे.. उसने कहा पिताजी आप बिल्कुल चिंता मत कीजिए मैं घर आ रही हूँ..दोनों तरफ से भावनाओ का सागर उमड़ पड़ा"*
हम ट्रेन से उतरे, उसने फिर से पिन मांगी, मैंने पिन दी.. उसने मोबाइल से सिम निकालकर तोड़ दी और पिन मुझे वापस कर दिया।
अंत तक इतनी लंबी कहानी पढ़ने का धन्यवाद 🙏🏻
( एक मित्र की वाल से-)

Love जिहाद से बचाव तथा देश की सभी बेटियों को समर्पित- *ये मेरा दावा है माता पिता से ज्यादा तुम्हे दुनिया मे कोई प्यार नहीं करता।*

कहानी पढ कर शेयर जरूर कीजिएगा।🙏🏻

*जय श्री राम*
*सदैव प्रसन्न रहिये*
*जो प्राप्त है-पर्याप्त है*