Monday, March 2, 2020

*लकवा (पॅरालिसीस)*


*लकवा   (पॅरालिसीस)*
      गाव : आसुर्ले-पोर्ले
महाराष्ट्र , जि. कोल्हापूर, कोल्हापूर शहर  पासून ९ कि.मी., पोर्ले म्हणून गाव आहे
त्या गावा मध्ये *श्री. डाॅ. पी. एस्. कुंभार* आयर्वेदिक डाॅक्टर आहेत, 
ते लकवा / पॅरालिसीस या अाजारावर रामबाण उपचार करतात,
लकवा किती पण जूना व गंभीर असू द्या, तो १००% बरा होणारच. पेशंटचे रिपोर्ट सोबत अाणावे.
 पेशंट १००% कव्हरच होतो. जे पेशंट अॅब्युलन्स मध्ये आले ते चालत जातात...  ते सर्व आता चालतात फिरतात... नाॅर्मल आहेत .
आपल्याकडून जर कोणाचा जीव वाचत असेल, तर या पेक्षा दुसरी कुठली मानव सेवा नही. 
 धन्यवाद.....
टीप :- फोन करण्याची वेळ 08:30 am to 10:00 am. 
शेयर करा कोणत्याही गरजूला उपयोगी पडेल
*Dr. P. S. Kumbhar*
*Mob. :- 7741030267* 
बाकी जोक इत्यादी सर्व आपण शेअर करताच.
   तसेच थोडा वेळ काढून ही माहिती ही सर्वांना पाठवून एखाद्याचे प्राण वाचवा.
चला फॉरवर्ड करा
 *धन्यवाद.......!

Monday, February 10, 2020

श्री हनुमान चालीसा अर्थ सहित!!

हम सब हनुमान चालीसा पढते हैं, सब रटा रटाया।

क्या हमे चालीसा पढते समय पता भी होता है कि हम हनुमानजी से क्या कह रहे हैं या क्या मांग रहे हैं?

बस रटा रटाया बोलते जाते हैं। आनंद और फल शायद तभी मिलेगा जब हमें इसका मतलब भी पता हो।

तो लीजिए पेश है श्री हनुमान चालीसा अर्थ सहित!!

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श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि।
बरनऊँ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।
📯《अर्थ》→ गुरु महाराज के चरण.कमलों की धूलि से अपने मन रुपी दर्पण को पवित्र करके श्री रघुवीर के निर्मल यश का वर्णन करता हूँ, जो चारों फल धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को देने वाला हे।★
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बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन कुमार।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार।★
📯《अर्थ》→ हे पवन कुमार! मैं आपको सुमिरन.करता हूँ। आप तो जानते ही हैं, कि मेरा शरीर और बुद्धि निर्बल है। मुझे शारीरिक बल, सदबुद्धि एवं ज्ञान दीजिए और मेरे दुःखों व दोषों का नाश कर दीजिए।★
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जय हनुमान ज्ञान गुण सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥1॥★
📯《अर्थ 》→ श्री हनुमान जी! आपकी जय हो। आपका ज्ञान और गुण अथाह है। हे कपीश्वर! आपकी जय हो! तीनों लोकों,स्वर्ग लोक, भूलोक और पाताल लोक में आपकी कीर्ति है।★
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राम दूत अतुलित बलधामा, अंजनी पुत्र पवन सुत नामा॥2॥★
📯《अर्थ》→ हे पवनसुत अंजनी नंदन! आपके समान दूसरा बलवान नही है।★
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महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी॥3॥★
📯《अर्थ》→ हे महावीर बजरंग बली! आप विशेष पराक्रम वाले है। आप खराब बुद्धि को दूर करते है, और अच्छी बुद्धि वालो के साथी, सहायक है।★
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कंचन बरन बिराज सुबेसा, कानन कुण्डल कुंचित केसा॥4॥★
📯《अर्थ》→ आप सुनहले रंग, सुन्दर वस्त्रों, कानों में कुण्डल और घुंघराले बालों से सुशोभित हैं।★
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हाथ ब्रज और ध्वजा विराजे, काँधे मूँज जनेऊ साजै॥5॥★
📯《अर्थ》→ आपके हाथ मे बज्र और ध्वजा है और कन्धे पर मूंज के जनेऊ की शोभा है।★
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शंकर सुवन केसरी नंदन, तेज प्रताप महा जग वंदन॥6॥★
📯《अर्थ 》→ हे शंकर के अवतार! हे केसरी नंदन! आपके पराक्रम और महान यश की संसार भर मे वन्दना होती है।★
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विद्यावान गुणी अति चातुर, राम काज करिबे को आतुर॥7॥★
📯《अर्थ 》→ आप प्रकान्ड विद्या निधान है, गुणवान और अत्यन्त कार्य कुशल होकर श्री राम काज करने के लिए आतुर रहते है।★
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प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया, राम लखन सीता मन बसिया॥8॥★
📯《अर्थ 》→ आप श्री राम चरित सुनने मे आनन्द रस लेते है। श्री राम, सीता और लखन आपके हृदय मे बसे रहते है।★
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सूक्ष्म रुप धरि सियहिं दिखावा, बिकट रुप धरि लंक जरावा॥9॥★
📯《अर्थ》→ आपने अपना बहुत छोटा रुप धारण करके सीता जी को दिखलाया और भयंकर रूप करके.लंका को जलाया।★
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भीम रुप धरि असुर संहारे, रामचन्द्र के काज संवारे॥10॥★
📯《अर्थ 》→ आपने विकराल रुप धारण करके.राक्षसों को मारा और श्री रामचन्द्र जी के उदेश्यों को सफल कराया।★
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लाय सजीवन लखन जियाये, श्री रघुवीर हरषि उर लाये॥11॥★
📯《अर्थ 》→ आपने संजीवनी बुटी लाकर लक्ष्मणजी को जिलाया जिससे श्री रघुवीर ने हर्षित होकर आपको हृदय से लगा लिया।★
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रघुपति कीन्हीं बहुत बड़ाई, तुम मम प्रिय भरत सम भाई॥12॥★
📯《अर्थ 》→ श्री रामचन्द्र ने आपकी बहुत प्रशंसा की और कहा की तुम मेरे भरत जैसे प्यारे भाई हो।★
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सहस बदन तुम्हरो जस गावैं, अस कहि श्री पति कंठ लगावैं॥13॥★
📯《अर्थ 》→ श्री राम ने आपको यह कहकर हृदय से.लगा लिया की तुम्हारा यश हजार मुख से सराहनीय है।★
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सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा, नारद,सारद सहित अहीसा॥14॥★
📯《अर्थ》→श्री सनक, श्री सनातन, श्री सनन्दन, श्री सनत्कुमार आदि मुनि ब्रह्मा आदि देवता नारद जी, सरस्वती जी, शेषनाग जी सब आपका गुण गान करते है।★
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जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते, कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥15॥★
📯《अर्थ 》→ यमराज,कुबेर आदि सब दिशाओं के रक्षक, कवि विद्वान, पंडित या कोई भी आपके यश का पूर्णतः वर्णन नहीं कर सकते।★
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तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा, राम मिलाय राजपद दीन्हा॥16॥★
📯《अर्थ 》→ आपनें सुग्रीव जी को श्रीराम से मिलाकर उपकार किया, जिसके कारण वे राजा बने।★
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तुम्हरो मंत्र विभीषण माना, लंकेस्वर भए सब जग जाना ॥17॥★
📯《अर्थ 》→ आपके उपदेश का विभिषण जी ने पालन किया जिससे वे लंका के राजा बने, इसको सब संसार जानता है।★
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जुग सहस्त्र जोजन पर भानू, लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥18॥★
📯《अर्थ 》→ जो सूर्य इतने योजन दूरी पर है की उस पर पहुँचने के लिए हजार युग लगे। दो हजार योजन की दूरी पर स्थित सूर्य को आपने एक मीठा फल समझ कर निगल लिया।★
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प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहि, जलधि लांघि गये अचरज नाहीं॥19॥★
📯《अर्थ 》→ आपने श्री रामचन्द्र जी की अंगूठी मुँह मे रखकर समुद्र को लांघ लिया, इसमें कोई आश्चर्य नही है।★
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दुर्गम काज जगत के जेते, सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥20॥★
📯《अर्थ 》→ संसार मे जितने भी कठिन से कठिन काम हो, वो आपकी कृपा से सहज हो जाते है।★
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राम दुआरे तुम रखवारे, होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥21॥★
📯《अर्थ 》→ श्री रामचन्द्र जी के द्वार के आप.रखवाले है, जिसमे आपकी आज्ञा बिना किसी को प्रवेश नही मिलता अर्थात आपकी प्रसन्नता के बिना राम कृपा दुर्लभ है।★
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सब सुख लहै तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू.को डरना॥22॥★
📯《अर्थ 》→ जो भी आपकी शरण मे आते है, उस सभी को आन्नद प्राप्त होता है, और जब आप रक्षक. है, तो फिर किसी का डर नही रहता।★
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आपन तेज सम्हारो आपै, तीनों लोक हाँक ते काँपै॥23॥★
📯《अर्थ. 》→ आपके सिवाय आपके वेग को कोई नही रोक सकता, आपकी गर्जना से तीनों लोक काँप जाते है।★
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भूत पिशाच निकट नहिं आवै, महावीर जब नाम सुनावै॥24॥★
📯《अर्थ 》→ जहाँ महावीर हनुमान जी का नाम सुनाया जाता है, वहाँ भूत, पिशाच पास भी नही फटक सकते।★
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नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा॥25॥★
📯《अर्थ 》→ वीर हनुमान जी! आपका निरंतर जप करने से सब रोग चले जाते है,और सब पीड़ा मिट जाती है।★
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संकट तें हनुमान छुड़ावै, मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥26॥★
📯《अर्थ 》→ हे हनुमान जी! विचार करने मे, कर्म करने मे और बोलने मे, जिनका ध्यान आपमे रहता है, उनको सब संकटो से आप छुड़ाते है।★
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सब पर राम तपस्वी राजा, तिनके काज सकल तुम साजा॥ 27॥★
📯《अर्थ 》→ तपस्वी राजा श्री रामचन्द्र जी सबसे श्रेष्ठ है, उनके सब कार्यो को आपने सहज मे कर दिया।★
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और मनोरथ जो कोइ लावै, सोई अमित जीवन फल पावै॥28॥★
📯《अर्थ 》→ जिस पर आपकी कृपा हो, वह कोई भी अभिलाषा करे तो उसे ऐसा फल मिलता है जिसकी जीवन मे कोई सीमा नही होती।★
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चारों जुग परताप तुम्हारा, है परसिद्ध जगत उजियारा॥29॥★
📯《अर्थ 》→ चारो युगों सतयुग, त्रेता, द्वापर तथा कलियुग मे आपका यश फैला हुआ है, जगत मे आपकी कीर्ति सर्वत्र प्रकाशमान है।★
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साधु सन्त के तुम रखवारे, असुर निकंदन राम दुलारे॥30॥★
📯《अर्थ 》→ हे श्री राम के दुलारे ! आप.सज्जनों की रक्षा करते है और दुष्टों का नाश करते है।★
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अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता, अस बर दीन जानकी माता॥३१॥★
📯《अर्थ 》→ आपको माता श्री जानकी से ऐसा वरदान मिला हुआ है, जिससे आप किसी को भी आठों सिद्धियां और नौ निधियां दे सकते है।★
1.) अणिमा → जिससे साधक किसी को दिखाई नही पड़ता और कठिन से कठिन पदार्थ मे प्रवेश कर.जाता है।★
2.) महिमा → जिसमे योगी अपने को बहुत बड़ा बना देता है।★
3.) गरिमा → जिससे साधक अपने को चाहे जितना भारी बना लेता है।★
4.) लघिमा → जिससे जितना चाहे उतना हल्का बन जाता है।★
5.) प्राप्ति → जिससे इच्छित पदार्थ की प्राप्ति होती है।★
6.) प्राकाम्य → जिससे इच्छा करने पर वह पृथ्वी मे समा सकता है, आकाश मे उड़ सकता है।★
7.) ईशित्व → जिससे सब पर शासन का सामर्थय हो जाता है।★
8.)वशित्व → जिससे दूसरो को वश मे किया जाता है।★
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राम रसायन तुम्हरे पासा, सदा रहो रघुपति के दासा॥32॥★
📯《अर्थ 》→ आप निरंतर श्री रघुनाथ जी की शरण मे रहते है, जिससे आपके पास बुढ़ापा और असाध्य रोगों के नाश के लिए राम नाम औषधि है।★
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तुम्हरे भजन राम को पावै, जनम जनम के दुख बिसरावै॥33॥★
📯《अर्थ 》→ आपका भजन करने से श्री राम.जी प्राप्त होते है, और जन्म जन्मांतर के दुःख दूर होते है।★
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अन्त काल रघुबर पुर जाई, जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई॥34॥★
📯《अर्थ 》→ अंत समय श्री रघुनाथ जी के धाम को जाते है और यदि फिर भी जन्म लेंगे तो भक्ति करेंगे और श्री राम भक्त कहलायेंगे।★
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और देवता चित न धरई, हनुमत सेई सर्व सुख करई॥35॥★
📯《अर्थ 》→ हे हनुमान जी! आपकी सेवा करने से सब प्रकार के सुख मिलते है, फिर अन्य किसी देवता की आवश्यकता नही रहती।★
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संकट कटै मिटै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥36॥★
📯《अर्थ 》→ हे वीर हनुमान जी! जो आपका सुमिरन करता रहता है, उसके सब संकट कट जाते है और सब पीड़ा मिट जाती है।★
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जय जय जय हनुमान गोसाईं, कृपा करहु गुरु देव की नाई॥37॥★
📯《अर्थ 》→ हे स्वामी हनुमान जी! आपकी जय हो, जय हो, जय हो! आप मुझपर कृपालु श्री गुरु जी के समान कृपा कीजिए।★
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जो सत बार पाठ कर कोई, छुटहि बँदि महा सुख होई॥38॥★
📯《अर्थ 》→ जो कोई इस हनुमान चालीसा का सौ बार पाठ करेगा वह सब बन्धनों से छुट जायेगा और उसे परमानन्द मिलेगा।★
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जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा, होय सिद्धि साखी गौरीसा॥39॥★
📯《अर्थ 》→ भगवान शंकर ने यह हनुमान चालीसा लिखवाया, इसलिए वे साक्षी है कि जो इसे पढ़ेगा उसे निश्चय ही सफलता प्राप्त होगी।★
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तुलसीदास सदा हरि चेरा, कीजै नाथ हृदय मँह डेरा॥40॥★
📯《अर्थ 》→ हे नाथ हनुमान जी! तुलसीदास सदा ही श्री राम का दास है।इसलिए आप उसके हृदय मे निवास कीजिए।★
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पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रुप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥★
📯《अर्थ 》→ हे संकट मोचन पवन कुमार! आप आनन्द मंगलो के स्वरुप है। हे देवराज! आप श्री राम, सीता जी और लक्ष्मण सहित मेरे हृदय मे निवास कीजिए।★
ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ

जय श्री राम 🙏

Saturday, January 18, 2020

🔱आर्युवेद एवं जडी़ बुटी से लाईलाज बीमारियों का चमत्कारी ईलाज 🔱

🔱आर्युवेद एवं जडी़ बुटी 
से लाईलाज बीमारियों
 का चमत्कारी ईलाज 🔱
चिकित्सक वैदराज --श्री बीसन सिंह पुसान। ग्राम =भीमा,, पंचायत =गुदमा,,, तहसील =बीसा,,जिला =बालाघाट,, 
अभी तक कैंसर के लगभग२०००० मरीज एवं HIV के ३५० मरीज और किडनी के ७०० मरीज ठीक हुए हैं। 
सन् १९८५ से अभी तक निशुल्क ईलाज जारी है। सात से आठ राज्यों के मरीज अभी तक ठीक हुए हैं। साथ में इसका विडियो भी जरूर देखें और दुसरो को भी दिखाए।

Monday, January 6, 2020

*८० % पर्यंत भाजलेले शरीर* *पुर्णतः बरे करणारा मलम.*

❗❗❗❗❗❗❗❗❗❗❗

           *८० % पर्यंत भाजलेले शरीर* 
           *पुर्णतः बरे करणारा मलम.*


*गणेशवाडी जि•कोल्हापूर
ता • शिरोळ या गावात *श्री सागर कुचनूरे* यांच्याकडे वैशिष्टयपुर्ण मलम मिळतो.

*उदा•  10  ते 80% पर्यंत भाजलेल शरीर पुर्णत: 1 महिन्यात नीट होते*

आत्तापर्यत त्यांच्या कडे हजारो माणसे ,जनावरे नीट झाली आहेत

*(कोणत्याही प्रकारची फी घेत नाहीत)*

    कृपया हा मेसेज दुसर्या ग्रुपवर पाठवा. 
    कोणा गरजूंना त्याचा फायदा होईल. 

संपर्क- 9689017556

         🙏🏻🍀🍀🍀🍀🍀🙏🏻

Sunday, December 8, 2019

व्यवसाय हीच यशाची गुरुकिल्ली आहे.

सुशिक्षित युवकांसाठी मार्गदर्शन........

१ 】चहा काॅफी करुन विकणे. पाचपट नफा. 
२】 कुल्फी विकणे. घरीच केली तर तिप्पट नफा. 
३ 】मासे विकणे. दिडपट नफा.
४ 】आंबे होलसेल आणून रिटेल विकणे. 
५ 】तरकारी अर्थात पहाटे होलसेल भाजी खरेदी करून रिटेल विकणे दिडपट होतात
६ 】पाणीपुरी रगडा पुरी विकणे यात पैसे तिप्पट होतात 
७】 कच्छी दाबेली. हातगाडी भाड्याने घ्या व चौपट नफा मिळवा. दाबेलीचे वेगळे पाव मिळतात. 
८ 】वडापावची गाडी लावा. स्वस्त विकलेत तरी दिडपट नफा.
९ 】मूग भजी ची विक्री करा. घराबाहेरच स्टाॅल लावा. नंबर वन धंदा होतो. तिप्पट नफा. 
१०】 ढोकळा विक्री. घरी ढोकळा बनवा. चटणी बनवा. मोठ्या स्टीलच्या डब्यात भरुन घराबाहेर किंवा मोक्याच्या ठिकाणी विका. 
११ 】चाळीस रुपये किलोच्या डोश्याच्या पीठाचे वीस डोसा तयार होतात. एक डोसा वीस रुपयांना विका. सोबत भाजक्या डाळीची चटणी व बटाटा भाजी द्या. याच पीठाचे वडेसुध्दा विकता येतात. 
१२】 घरीच पोळी भाजी बनवुन कस्टमरला ऑफिस पोच डबा पोहोचवा. 
१३】 फळ विक्री करा. 
१४ 】शहाळे आणून विका. रोज तेच ते ग्राहक मिळेल. बावीस रुपयांचे चाळीस रुपये होतात. 
१५ 】कापडाचे तुकडे पोत्याने विकत मिळतात. घरी शिलाई मशीन असेल व कोणाले शिलाई करता येत असेल तर झबले टोपडे व दुपटे करून विका. टाकाऊतुन टिकाऊ बनवा. 
१६】 फ्लेक्स बोर्ड तयार करुन, आणून, चिटकवून, लावून द्या. दोनशे ते पाचशे रुपये प्रती मिळतात. 
१७ 】सातारा येथे राजवाड्याजवळ सुट्ट्या उदबत्त्या वजनावर विकतात तशा आपल्या स्वतःच्या गावातही विकता येईल. 
१८】मुंबई येथे होलसेल मार्केट मध्ये कपड्यांचा लाॅट विकत आणून घरी सुध्दा बिझिनेस सुरु करु शकता. दादर रेल्वे स्टेशन शेजारीच होलसेल मार्केट आहे. 
१९】 मंदिराजवळ नारळ विक्री करा
२० फुलांच्या मार्केटमधुन फुलं आणा व त्याचे हार करुन विका. यात खुप फायदा आहे. 
२१】 हाॅटेलला कडधान्ये पुरवणे. 
२२】 हाॅटेलला बटाटे खुप लागतात. सप्लाय करा. 
२३ 】घरी चटणीचे चार पाच प्रकार तयार करुन थेट फूड मार्ट ला विका किंवा स्वतः रिटेल करा. 
२४】 लेदर शिलाईची जुनी मशीन घ्या व सिटकव्हर तयार करुन विका. चांगले मार्जिन मिळते. 
२५】 मार्केटला लसणाच्या पाकळ्या होलसेलमध्ये मिळतात. घरी आणून गरम पाण्यात मीठ टाकून लसणाच्या पाकळ्या टाकल्या की लगेच हाताने चोळुनही साले निघतात. हाॅटेल, भाजीवाले यांना छोटी मोठी पाकिटे करुन विका. 
२६】 एलईडी बल्ब स्टाॅल लावून विका. आपल्या ग्रुपवर त्याचे होलसेलर आहेत
२७】 ज्यांना योगासने येतात त्यांनी त्याचे क्लास सुरु करावेत. 
२८】 महिलांसाठी घरगुती बिझिनेस, पाळणाघर सर्वात बेस्ट बिझिनेस करु शकता. भांडवल लागतेच. खेळणी, दूध, इ. ठेवावे लागते 
२९】 प्लॅस्टीक बंदी होणार असल्यामुळे कागदी व कापडी पिशव्यांची मागणी वाढत आहे. घरी तयार करा. दुकानदारांना थेट विका. खुप स्कोप आहे. 
३०】 पेस्टकंट्रोल कसे करतात शिकून घ्या. हा धंदा उन्हाळ्यात खुप चालतो. रुमनुसार रेट असतात. 
३१】 प्लंबिंग काम शिकून घ्या. दररोज हजार रुपये 'सहज कमवा'.
३२】 विको दंतमंजनच्या मागे लिहिलेले साहित्य काष्टौषधीच्या दुकानातुन आणून त्याचे घरी दंतमंजन तयार करा. खुप परवडते. 
३३】 काही औषधी जंगलात जाऊन गोळा करुन आणून आयुर्वेद डाॅक्टरांना विका. 
३४】 गोमुत्र गोळा करुन बाटलीत पॅक करुन विका. 
३५】 खेडेगावात असाल तर दुध गोळा करुन शहरात जाऊन विका. देशी गायीचे दूध शहरात सत्तर रुपये ते दोनशे रुपये प्रतिलीटर विकले जाते. 
३६】 गावाकडे उन्हाळ्यात कडबा कुट्टी खुप चालते. ज्याच्याकडे यंत्र आहे त्याच्याकडे जाऊन पोती भरुन घरपोच करता येतील. 
३७】 फाईल तयार करायचा पुष्ठा मिळतो. पट्ट्याही मिळतात. फक्त कटिंग मशीनने कटींग करुन ऑफिसला सप्लाय करु शकता. प्रिंटिंग करुन पाहिजे असल्यास प्रेसमधून करुन घेऊ शकता. 
३८】 स्टेपलर, त्याच्या पिना, पंच मशीन ऑफिसला सप्लाय करुन वीस ते पंचवीस टक्के फायदा मिळतोच. फक्त तुम्हाला बरेच ऑफिस शोधावे लागतील. 
३९】 आता लगीनसराई सुरु झाली आहे. नवरदेवाचे फेटे विका. ज्यांचे टेलरींगचे दुकान आहे त्यांना हा जोडधंदा म्हणून चांगला आहे 
४०】 भगव्या फेट्यांची फॅशन जोरात चालू आहे. फेटा बांधायला शिका. चार महीने भरपूर कमवा. सोबत भगव्या फेट्याचे कापडही भाड्याने द्या. 
४१】 उन्हाळ्यात चिंच फोडून चिंच वेगळी करुन विकू शकता.  शिरे व टरफले यांची पुड बनवुन त्यात मीठ मिसळुन तांबे पितळेची भांडी घासायला पावडर तयार करु शकता. चिंचोक्याचे भट्टीतुन लाह्याही बनवतात.
४२】 उन्हाळ्यात होलसेल दही आणून त्याचे घुसळुन लोणी व ताक काढले जाते. मसाला ताक करुन विकणे हा खुप फायदेशीर बिझिनेस आहे. फक्त त्यात बर्फ टाकू नये. त्याऐवजी माठात साठवून ठेवता येते. तसे विका
४३】देवदेवतांचे साचे विकत मिळतात. त्यात POP टाकून मुर्ती बनवता येतील व रंगवून विकता येतील परंतु याला प्रशिक्षणाची व कौशल्याची खुप गरज आहे. कलेतुन पैसे जास्त मिळतात. 
४४】रद्दी खरेदी करणे गठ्ठे बांधून होलसेल विकणे हा सर्वात कमी भांडवलाचा सुंदर व्यवसाय आहे. अनुभवातुन हा व्यवसाय मोठा करता येईल
४५】जिमचा अनुभव असेल तर शहरामध्ये जाम कोच म्हणून सेलिब्रेटीजना गाईडंस करुन भरपूर फी मिळते. 
४६】शेवचिवडा होलसेल आणायचा. चुरमुरे पोत्याने आणायचे. चुरमुरे चाळण मारुन साफ करून घ्यायचे. चिंचपाणी घरीच तयार करुन ओली व सुकी भेळ विकता येईल. अगदी हातगाडीसुध्दा चालेल. नाट्यगृह, समुद्र बीच, गजबजलेल्या रस्त्यावर किंवा बागेबाहेर अशी छोटी दुकाने थाटली जातात. 
४७】धोबी अर्थात लाँड्रीवाले कामगार ठेवतात. धुवायचे कपडे, ड्रायक्लिन कपडे बाहेरच्या माणसाकडुन घेतले जाते. हल्ली हा बिझिनेस कोणीही करत आहे. शहरात जाऊन टाकला तर मी खात्रीने सांगतो तुम्ही हा बिझिनेसमध्ये यशच मिळवणार. कारण शहरात महिला नोकरीचे प्रमाण खुप आहे. 
४८】रेडियम चा बिझनेसही खुप चांगला आहे पण मशीनरी आवश्यक आहे. सध्या सर्वात जास्त चालणारा बिझिनेस आहे. नंबर प्लेट ते गाडीचे डेकोरेशन सर्वात रेडियम वापरतात. रोल होलसेल मिळतात. अगदी घरीही ब्लेडने कटिंग करुन विकता येते. 
४९】रिचार्ज चा बिझनेसही खुप चांगला आहे. एक हजारपासून सुरु करता येतो. विशिष्ठ टारगेट पुर्ण केले तर स्कीमनुसार अनेक जादाचे फायदेही मिळतात. 
५०】 सर्वात सुंदर व लेटेस्ट बिझिनेस म्हणजे मोबाईल अॅक्सेसरीज विकणे....

मित्रानो,स्वावलंबी व्हा, जिद्दीने जगा,श्रीमंत व्हा,रुबाबात रहा,गरजू-गरिबांना मदत करा,तुम्ही पण श्रीमंत होऊ शकता हे कायम ध्यानात ठेवा.

व्यवसाय हीच यशाची गुरुकिल्ली आहे.

Monday, October 7, 2019

✅हार्ट अटॅक..???

✅हार्ट अटॅक..???

घाबरू नका..!!!

सहज सुलभ उपाय...!

99 टक्के  ब्लॉकेजेसना
काढून टाकणारे
पिंपळाचे पान...💚

15 पिंपळाची पाने
जी  गुलाबी  नसावीत,
पण हिरवी,
कोवळी,
चांगली वाढलेली असावीत...

प्रत्येक पानांचे
वरचे टोक

खालचा जाड देठ
पानाचा थोडाश्या भागासकट
कापून टाका,

मग सर्व पंधरा पाने
स्वच्छ धुवून घ्या.

एका भांड्यात
ही पाने

एक ग्लास पाणी घालून
मंद आचेवर उकळत ठेवा.

जेव्हा पाणी (1/3)
एक त्रितीयांश उरेल
तेव्हा
उकळवणे बंद करा

गाळून घ्या...

नंतर थंड जागी ठेवा.

झाले आपले औषध तयार...!
☕...☕...☕

हा काढा
'तीन भागात'
प्रत्येक तीन तासांनी
सकाळपासून घ्यावयाचा आहे.

💔हार्ट अटॅक नंतर
लागोपाठ पंधरा दिवस
अशा प्रकारे
पिंपळकाढा घेतल्याने
ह्रदय पुनः स्वस्थ होते💝

पुन्हा हा दौरा पडण्याची
शक्यता राहात नाही...

ह्रदय विकारी व्यक्तींनी
ह्या ईलाजाचा प्रयोग
अवश्य करून पहावा..

यातून कोणताही
साईड इफेक्ट होत नाही..!

💚पिंपळाच्या पानात
ह्रदयाला शक्ति
आणि
शांती देण्याची
अदभूत क्षमता आहे..!

💚ह्या पिंपळकाढ्याचे
तीन डोस
सकाळी 8.00वा.,
11.00वा.,

2.00वा.
म्हणजे दर तीन तासांनी
घ्यावयाचे आहेत....

💙डोस घेण्यापूर्वी
पोट रिकामी असता कामा नये.

हलका,
पाचक नाश्ता
किंवा
आहार केल्यानंतरच
काढ्याचे डोस घ्यावयाचा आहे.

💜सदरच्या
पंधरा दिवसांत
तळलेले पदार्थ,
भात व्यर्ज आहेत...

तसेच
मांस,
अंडी,
दारु,
धुम्रपान
पूर्णतः बंद करावीत...

मीठ

तेलकट पदार्थ
सेवन करू नये...

💖डाळींब,
पपई,
आवळा,
लसूण,
मेथी,
सफरचंद,
मोसंबी,
रात्री भिजवलेले काळे चणे,
गुगूळ,
मनुका,
दही,
ताक इ. घ्यावे...

"पिंपळकाढा घेऊन तर बघा..!"

🙏
भगवंताने
पिंपळाचे पान
💚
ह्रदयाच्या आकाराचे
कां बनविले आहे..?
💝💝💝💝💝
       💝💝💝💝💝
              💝💝💝💝💝

हे आर्टीकल
आपल्या पर्यंत
डॉ.उदय  सोनवणे  (मुंबई )
यांनी पाठवले आहे..!!!
🌴  आरोग्य वार्ता🌴

"पाणी पिण्याची योग्य वेळ"

● 3 ग्लास सकाळी झोपेतुन उठल्यानंतर -
शरीरातील उर्जेला Activate
करतो.

● 1 ग्लास अंघोळ केल्यानंतर -
ब्लड प्रेशर त्रास संपवतो.

● 2 ग्लास जेवणाआधी 30 मिनीटे -
पचनक्रिया सुधारतो.

● अर्धा ग्लास झोपण्यापुर्वी -
हार्ट अटैक पासुन वाचवतो.

चांगला मैसेज आहे.
जरुर फॉरवर्ड करा..
🌴🍃🌴🍃 🔦🔦🔦🔦🔦🔦🔦🔦🔦🔦जर तुम्ही घरी एकटे असाल, आणि अचानक तुमच्या छातीत दुखायला लागले, हे दुखणे जर तुमच्या डाव्या हातापासून तुमच्या जबड्या पर्यंत जाणवत असेल तर हा हृदय विकाराचा झटका असू शकतो....जर आजू-बाजूला कोणीच मदत करण्यासाठी नसेल आणि हॉस्पिटल सुद्धा दूर असेल, तर तुम्ही स्वत:ची मदत करू शकता....* जोर-जोरात खोकत रहा. हि प्रक्रिया पुन्हा-पुन्हा करत रहा. प्रत्येक वेळी खोकन्या आधी दीर्घ श्वास घ्या.  दीर्घ श्वासामुळे फुप्फुशांना अधिक प्रमाणात ऑक्सिजनमिळतो.  अशा वेळी खोकत राहिल्याने रक्ताभिसरण प्रक्रिया सुरळीत चालू राहते.मी, आपणांस एक विनंती करू इच्छितो.. कृपया जास्तीत जास्त लोकांना हि पोस्ट शेअर करा का, कुणास ठाऊक, तुमच्या ह्या एका पोस्टमुळे एखाद्याचे प्राण वाचू शकतात......करा फॉरवर्ड होऊ दे खर्च  जरा चांगल्या कामासाठी
- डॉ.  उदय  सोनवणे  (मुंबई ) plz shar  msg  5 group la   कोणाच तरी जीव वाचेल

Thursday, August 22, 2019

*माणूस “मागे” असण्याची २३ कारणे…

*माणूस “मागे” असण्याची २३ कारणे…

आर्थिक सल्लागार मकरंद गाडगीळ यांच्या लेखणीतून…

1. कमी प्रवास

प्रवास केल्याने जग कळते, कल्पना सुचतात, मार्ग सापडतात व प्रगती होते. मराठी माणूस आर्थिक स्थितीमुळे फारसा प्रवास करताना दिसत नाही, अनेक औद्योगिक प्रदर्शनात मराठी माणूस दिसत नाही.

2.अति राजकारण

सर्वतजास्त मराठी माणूस राजकारण वेडा आहे. राजकीय नेत्यांच्या सभेला आपला कामधंदा सोडून लाखोंच्या संख्येने येणारा मराठी माणूसच असतो. यात व्यापारी समाजातला एक तरी माणूस दिसतो का? मी काय करतो आहे या पेक्षा लोकांनी काय केले, काय करतात यात जास्त लक्ष.

3.दोनच हात कमावणारे

सर्वसाधारण मराठी कुटुंबात एकच व्यक्ती कमवते. कुटुंबातील जास्तीत जास्त लोकांनी काम केले पाहिजे.

4.सर्वांची तोंडे वेगळ्या दिशेला –

कुटुंबात एकी नसते. बाप एका दिशेला, मोठा मुलगा एका दिशेला तर लहान भाऊ तिसरीकडेच. प्रत्येक कुटूंबात एकी पाहिजे.

५) खोटं बोल पण रेटून बोल –

सगळ्या थापा एकमेकांना गंडवण्याच्या गोष्टी, खरे सांगण्यासारखे नसतेच म्हणून खोट बोलावे लागते. मी हे करीन ते करीन या स्वप्नातच आयुष्य संपते, पण मी हे करतोच असा निश्चय घेत नाहीत.

६) आहार व आरोग्याकडे दुर्लक्ष –

आरोग्याकडे अत्यंत दुर्लक्ष, महागाईमुळे उपचारही परवडत नाही, थातुरमातुर उपचार केले जातात. योग्य आहार नाही, व्यसनांचे प्रमाण प्रचंड आहे. भरपूर पैसा व्यसनातच संपतो.

७) आर्थिक निरक्षरता –

पैसा काय आहे ? तो कसा वापरायचा ? शेअरमार्केट, डिमॅट, फॉरेन एक्सचेंज, डॉलर, आय टी याची खूप कमी माहिती शिकलेल्या लोकांनाही नाही. ९०% महिलांचे तर साधे पॅनकार्ड सुद्धा नसते.

८) दूरदृष्टीचा अभाव –

पुढील ५, १०, २० वर्षाच्या योजना आखाव्या लागतात. त्यावर आजपासूनच काम करावे लागते. अशा दूरदृष्टीमुळे नियोजन होते व माणसे कामाला लागतात.

९) ऐतिहासिक स्वप्नात –

अजूनही मराठी माणूस ऐतिहासिक स्वप्नात जगत आहे. जास्तीजास्त वेळ फेसबुक व्हाट्सएप वर कोणी कधी काय केले ते शोधत फिरतो, आणि स्वतःचा वेळ वाया घालवतो, तेव्हा सत्य आणि सध्याच्या परिस्थितीचे भान ठेऊन उद्योग करून पैसा कमावला पाहिजे.

१०) गृहकलह, कोर्टकचेरी –

गृहकलहाचे प्रमाणही प्रचंड आहे. भावाभावातचं वाद. संपत्तीवरून भावकीत वाद , वादावादी, मारामारी, खून, कोर्टकचेऱ्या सामंजस्यपणे निपटावे व प्रगतीच्या मार्गे लागावे.

११) समाज अर्थपुरवठा पद्धत –  

नवीन व्यवसाय सुरु करण्यासाठी अत्यंत कमी व्याज दरात किंवा बिनव्याजी ताबडतोब अर्थपुरवठा करण्याची व समाजातील सर्वाना वरती आणण्याची पद्धत गुजराती, मारवाडी, सिंधी, समाजात आहे. तशी मराठी समाजात आढळत नाही.
आता तर सरकार ने नवीन व्यावसायिकांसाठी 5 लाखांपर्यंत कर्जयोजना सूरु केली आहे, ज्यात बिना गैरेंटी कर्ज उपलब्ध आहे, पण त्याबद्दल काहीच माहिती करून घेत नाहीत.

१२) जनरेशन गॅप –

खूप मोठा जनरेशन गॅप कुटुंबात जाणवतो. एखादा हुशार तरुण उद्योग करतो म्हटले कि त्यालाच येड्यात काढले जाते. जुन्या लोकांच्या डोक्यातून नोकरी अजून जात नाही.

१३) ज्ञानापेक्षा सर्टिफिकेट –

प्रत्यक्ष व प्रॅक्टिकल ज्ञानापेक्षा पदवीच्या सर्टिफिकेटला जास्त महत्व आहे. काहीही करून पदवी मिळवायची. त्यामुळे सिव्हिल इंजिनियर झाले बेरोजगार…. व बाहेरून आलेला प्लंबर, गवंड्यांचे काम करून महिना ५० हजार कमवतो.

१४) धरसोड वृत्ती –

हे प्रमाण प्रचंड आहे. थोडे दिवस खासजी संस्थेत नोकरी… कामाच्या अगोदरचं पगार किती देणार ? विचारायची प्रवृत्ती…हे काम केले तर लोकं काय म्हणतील??? अशा धरसोड वृत्तीमुळेच आयुष्यातील १० वर्ष निघून जातात. एकदाच ठसून एखाद्या क्षेत्रात टिकून राहिले पाहिजे.

१५) कष्टाची लाज –

विशेषतः सुशिक्षित तरुणांना कष्टाची लाज वाटते. Easy Money चे खुळ डोस्क्यात थैमान घालतयं. मी एमए, बीई, बीएड, झालोय म्हणजे मला इस्त्रीचे कपडे घालून फिरण्याचा अधिकार आहे असे समजतात. स्वतःच्याच घरातही कामं करण्यास लाजं वाटते.

१६) फालतू बाबींना महत्व –

एकत्र येणे, प्रगती साधणे, उद्योग उभारणे हे मुख्य विषय राहिले बाजूला… पण मराठी माणूस अजून लग्नपत्रिकेत नाव नाही टाकले, लग्नात आहेर नाही केला, होर्डिंग ववर नाव माही टाकले, अशा फालतू बाबींमध्ये अडकला आहे.

१७) दुसऱ्यांच्याच अपयशात आनंद –

भावाचा ऊस जळाला, त्याला पाण्याची नाही दिली, त्याची म्हैस गेली कि दुसऱ्या भावाला भलताच आनंद व उकळ्या फुटतात…मित्रांचे व्यवसायात नुकसान झाले, बरं झालं मी आधीच सांगत होतो नको करू, अगदी आपल्या सख्ख्या भावाचं चांगले झाल्यावरही बघवत नाही हे “आश्चर्य”…!!! मराठी माणूसच मराठी माणसाचा शत्रू आहे…!!!

१८) इंग्रजी कच्चे –

मराठीचा अभिमान जरूर बाळगावा पण जगाच्या स्पर्धेत टिकण्यासाठी व पुढे जाण्यासाठी अस्सलिखित इंग्रजी बोलणे, लिहिणे, वाचणे आलेच पाहिजे. अति उत्तम इंग्रजी आलेच पाहिजे. इंग्रजी बोलता येत नाही म्हणून इंग्रजीवर राग दाखवून काही होणार नाही.

१९) संवादकौशल्याचा अभ्यास –

जीवनात व उद्योगात पुढे जाण्यासाठी आपण दुसऱ्यांशी संवाद करतो ह्या कौशल्याचे खूप मोठे महत्त्व आहे. मोठे प्रोजेक्ट मिळवणे, काम मिळवणे, विविध स्थानिक अधिकारी वर्ग इतर व्यक्ती यांनाही आपण प्रत्यक्ष पत्रव्यवहार, इ-मेल द्वारे, फोनवर कसा उत्कृष्ट संवाद साधला पाहिजे हे शिकले पाहिजे.

२०) चाकोरी मोडत नाही –

अजूनही जुन्याच पद्धतीने काम चालू आहे. त्यामुळे प्रगती होत नाही, मतदार संघात काहीही काम न करता कित्येक दशके तोच खासदार, आमदार, नगरसेवक, झेडपी – पंचायत – ग्रामपंचायत सदस्य निवडून देण्याचे / येण्याचे प्रकार दिसतात.

२१) जाती प्रथा –

(फालतू प्रथा) 21व्या शतकात सुद्धा जाती प्रथेचा पगडा प्रचंड आहे. एकाच गावात व एकाच गल्लीत १० वेगवेगळ्या जातीचे पुढारी आहेत. संपूर्ण समाज अनेक धर्म – पंथ – जात – पोटजातीत विभागला गेला आहे, त्यामुळे समाजाची ताकद क्षीण झाली आहे. या धावपळीच्या युगात एक मराठी माणूस म्हणून कोणीच एकत्र यायला मागत नाही. आणि याचा फायदा इतरांना होतो.
अमुक एका जातीत जन्म झाला यासारख्या अर्थशून्य गोष्टींचा मराठी माणसाला; स्वतःची  एक व्यक्ती म्हणून दमडीची अचीव्हमेंट नसताना; चक्क अभिमान वाटतो.

२२) वेळेची किंमत –

वेळेचे महत्व समजलेले नाही. अनेक व्यक्ती आयुष्याच्या वेळेचा प्रचंड अपव्यय करताना दिसतात. बारसे, साखरपुडा, मुलगी बघणे, विवाह, यात्रा, मयत, प्रचार सभा, निवडणूक, वारी, देवदर्शन, राजकारण, या अनेक बाबींसाठी सरासरी वर्षातले १०० दिवसाहून अधिक काळ वाया घालवतात.

२३) ग्राहकाला किंमत न देणे –

ग्राहक म्हणजे राजा समजला जातो पण अपल्याकडे तसे होत नाही, ग्राहकाला समोर रुबाब दाखवणे, तसेच ऐन कामाच्या वेळेला मोबाईल बंद करून ठेवणे आणि ग्राहकाला दिलेलं वेळ न पाळणे, 10 ची वेळ सांगून 11 ला पोचणे, याने ग्राहक सुद्धा निसटतो. आणि आपला रेफरन्स पुढे कोणाला देत नाही.