Thursday, April 9, 2020

गृहिणी

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" ताटातलं वाटीतच राहील "  आमच्याकडे ही पारंपारीक पद्धत आहे 

1. दुधाच्या पिशव्या घरात घ्यायच्या, त्याच बरोबर त्या पिशव्यांसाठी बाहेर लटकवलेली पिशवी पण घरात  घ्यायची (कारण दाराबाहेर ती खराब दिसते! )  
2. दूध तापवून घ्यायचं 
3. कालच्या दुधावरची साय काढून वेगळ्या भांड्यात जमा करायची 
4. कालचं दूध वेगळं तापवायचं 
5. चहा करायचा  
6. मधुमेही सदस्यांसाठी वेगळा चहा बनवायचा  
7. गाळणी मधून चहापत्ती काढून कुंडीतील तुळशीला  घालायची 
8. दुधाच्या पिशव्या धुवून किचनमधील टाईलवर सुखवायला चिकटवून टाकायच्या 
9.  कुटुंबियांना चहा द्यायचा
10.  मुलाबाळांना झोपेतून प्रेमाने उठवायचा प्रयत्न करायचा 
11. त्यांना दूध द्यायचं, बोर्नव्हिटा किंवा तत्सम त्या दुधात मिसळायला विसरायचं नाही !
12. सासू, सासरे, नणंदा, दीर (असतील तर) आणि पती यांची औषधं काढून ठेवायची 
13. चहाचे कप विसळायचे 
14. नाश्त्याच्या आणि दुपारच्या डब्यांकरतां स्वयंपाक बनवायची तयारी चालू करायची 
15. कालच्या दुधाला विरजण लावायला विसरायचा नाही !
16. मुलांचे युनिफॉर्म्स त्यांना द्यायचे, कारण, कपाटात समोर असलेल्या गोष्टी त्यांना दिसत नाहीत ! 
17. मुलांची सकूलबॅग भरायला मदत करायची 
18.  मुलांची परीक्षा कोणती आणि कधी आहे हे डोक्यात ठेवून त्याप्रमाणे त्यांची पुस्तके आणि डबे भरून द्यायचे 
19 . मुलांचा एखादा प्रोजेक्ट अर्धवट राहिला असेल तर त्यात त्यांना थोडीशी मदत करायची 
20. मधेच नवरा बाथरूम मधून प्रेमळ आवाजात "बोंबलतो" ----  " अगं माझा टॉवेल दे ", न चिडता त्याला टॉवेल नेऊन द्यायचा 
21. कचरा नेणारा  सफाई कामगार बेल वाजवतो, पटकन आपले कचरा भांडे घराबाहेर द्यायचे, ते परत घरात घेऊन त्यात गार्बेज बॅग लावायची  
22. पेपरवाला बेल वाजवतो, पटकन ते घ्यायचे कारण, सासर्यांना किंवा नवऱ्याला ते वाचायची घाई झालेली असते 
23. शाळेची बस यायच्याआधी मुलांच्या पाप्या घेऊन त्यांना खाली रस्त्यावर सोडायला जायचं 
24. स्वतःचं आवरताना बाथरूम मध्ये पटकन बेसीन आणि टाईल्स वर स्वच्छतेचा हात फिरवायचा 
25. ओटा आवरायचं आणि पुसायचचं काम तर अगदी मस्ट  
26. नाश्ता आणि डबे बनवताना घरात काय संपलाय, शिधा / भाजी काय आणायला लागणार आहे याची नोंद डोक्यात ठेवायची 
27. भांडीवाली यायच्या आधी काचेची भांडी धुवून / घासून ठेवायची 
28. काल वाळत घातलेले कपडे तारेवरून काढून घ्यायचे 
29. आजचे वॉशिंग मशीन लावायचे 
30. पायपुसणी बदलायची 
31. बाथरूम मधले टॉवेल बदलायचे 
32. बाथरूम मधल्या आरशांवरच्या टिकल्या काढायचा प्रयत्न करायचा 
33. झाडू पोछावाल्या आणि भांडी घासणाऱ्या बाईंकरता सुयोग्य परिस्थिती निर्माण करून ठेवायची 
हुश्शशशश ........ 

सकाळी दोन तासात ही कमीतकमी ३3 कामं (ती सुद्धा मल्टिटास्क) करायची म्हणजे काय खायची गोष्ट नाहीये ! प्रत्येक टास्कला तीन मिनिट्स आणि सहा सेकन्द्स मिळतात) सुट्टी नाही ! कोण करतं असं ? वेगळा पगार मिळालाच पाहिजे, अरे या हार्डकोअर प्रांजळ गृहिणी वेगळा पगार घेऊन काय करणार ? " ताटातलं वाटीतच राहील "

Monday, April 6, 2020

हिंदू धर्म

पाण्डव पाँच भाई थे जिनके नाम हैं -
1. युधिष्ठिर    2. भीम    3. अर्जुन
4. नकुल।      5. सहदेव

( इन पांचों के अलावा , महाबली कर्ण भी कुंती के ही पुत्र थे , परन्तु उनकी गिनती पांडवों में नहीं की जाती है )

यहाँ ध्यान रखें कि… पाण्डु के उपरोक्त पाँचों पुत्रों में से युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन
की माता कुन्ती थीं ……तथा , नकुल और सहदेव की माता माद्री थी ।

वहीँ …. धृतराष्ट्र और गांधारी के सौ पुत्र…..
कौरव कहलाए जिनके नाम हैं -
1. दुर्योधन      2. दुःशासन   3. दुःसह
4. दुःशल        5. जलसंघ    6. सम
7. सह            8. विंद         9. अनुविंद
10. दुर्धर्ष       11. सुबाहु।   12. दुषप्रधर्षण
13. दुर्मर्षण।   14. दुर्मुख     15. दुष्कर्ण
16. विकर्ण     17. शल       18. सत्वान
19. सुलोचन   20. चित्र       21. उपचित्र
22. चित्राक्ष     23. चारुचित्र 24. शरासन
25. दुर्मद।       26. दुर्विगाह  27. विवित्सु
28. विकटानन्द 29. ऊर्णनाभ 30. सुनाभ
31. नन्द।        32. उपनन्द   33. चित्रबाण
34. चित्रवर्मा    35. सुवर्मा    36. दुर्विमोचन
37. अयोबाहु   38. महाबाहु  39. चित्रांग 40. चित्रकुण्डल41. भीमवेग  42. भीमबल
43. बालाकि    44. बलवर्धन 45. उग्रायुध
46. सुषेण       47. कुण्डधर  48. महोदर
49. चित्रायुध   50. निषंगी     51. पाशी
52. वृन्दारक   53. दृढ़वर्मा    54. दृढ़क्षत्र
55. सोमकीर्ति  56. अनूदर    57. दढ़संघ 58. जरासंघ   59. सत्यसंघ 60. सद्सुवाक
61. उग्रश्रवा   62. उग्रसेन     63. सेनानी
64. दुष्पराजय        65. अपराजित 
66. कुण्डशायी        67. विशालाक्ष
68. दुराधर   69. दृढ़हस्त    70. सुहस्त
71. वातवेग  72. सुवर्च    73. आदित्यकेतु
74. बह्वाशी   75. नागदत्त 76. उग्रशायी
77. कवचि    78. क्रथन। 79. कुण्डी 
80. भीमविक्र 81. धनुर्धर  82. वीरबाहु
83. अलोलुप  84. अभय  85. दृढ़कर्मा
86. दृढ़रथाश्रय    87. अनाधृष्य
88. कुण्डभेदी।     89. विरवि
90. चित्रकुण्डल    91. प्रधम
92. अमाप्रमाथि    93. दीर्घरोमा
94. सुवीर्यवान     95. दीर्घबाहु
96. सुजात।         97. कनकध्वज
98. कुण्डाशी        99. विरज
100. युयुत्सु

( इन 100 भाइयों के अलावा कौरवों की एक बहनभी थी… जिसका नाम""दुशाला""था,
जिसका विवाह"जयद्रथ"सेहुआ था )

"श्री मद्-भगवत गीता"के बारे में-

ॐ . किसको किसने सुनाई?
उ.- श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई। 

ॐ . कब सुनाई?
उ.- आज से लगभग 7 हज़ार साल पहले सुनाई।

ॐ. भगवान ने किस दिन गीता सुनाई?
उ.- रविवार के दिन।

ॐ. कोनसी तिथि को?
उ.- एकादशी 

ॐ. कहा सुनाई?
उ.- कुरुक्षेत्र की रणभूमि में।

ॐ. कितनी देर में सुनाई?
उ.- लगभग 45 मिनट में

ॐ. क्यू सुनाई?
उ.- कर्त्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्त्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढियों को धर्म-ज्ञान सिखाने के लिए।

ॐ. कितने अध्याय है?
उ.- कुल 18 अध्याय

ॐ. कितने श्लोक है?
उ.- 700 श्लोक

ॐ. गीता में क्या-क्या बताया गया है?
उ.- ज्ञान-भक्ति-कर्म योग मार्गो की विस्तृत व्याख्या की गयी है, इन मार्गो पर चलने से व्यक्ति निश्चित ही परमपद का अधिकारी बन जाता है। 

ॐ. गीता को अर्जुन के अलावा 
और किन किन लोगो ने सुना?
उ.- धृतराष्ट्र एवं संजय ने

ॐ. अर्जुन से पहले गीता का पावन ज्ञान किन्हें मिला था?
उ.- भगवान सूर्यदेव को

ॐ. गीता की गिनती किन धर्म-ग्रंथो में आती है?
उ.- उपनिषदों में

ॐ. गीता किस महाग्रंथ का भाग है....?
उ.- गीता महाभारत के एक अध्याय शांति-पर्व का एक हिस्सा है।

ॐ. गीता का दूसरा नाम क्या है?
उ.- गीतोपनिषद

ॐ. गीता का सार क्या है?
उ.- प्रभु श्रीकृष्ण की शरण लेना

ॐ. गीता में किसने कितने श्लोक कहे है?
उ.- श्रीकृष्ण जी ने- 574
अर्जुन ने- 85 
धृतराष्ट्र ने- 1
संजय ने- 40.

अपनी युवा-पीढ़ी को गीता जी के बारे में जानकारी पहुचाने हेतु इसे ज्यादा से ज्यादा शेअर करे। धन्यवाद

अधूरा ज्ञान खतरना होता है।

33 करोड नहीँ  33 कोटी देवी देवता हैँ हिँदू
धर्म मेँ।

कोटि = प्रकार। 
देवभाषा संस्कृत में कोटि के दो अर्थ होते है,

कोटि का मतलब प्रकार होता है और एक अर्थ करोड़ भी होता।

हिन्दू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उडाई गयी की हिन्दुओ के 33 करोड़ देवी देवता हैं और अब तो मुर्ख हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं...

कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मे :-

12 प्रकार हैँ
आदित्य , धाता, मित, आर्यमा,
शक्रा, वरुण, अँश, भाग, विवास्वान, पूष,
सविता, तवास्था, और विष्णु...!

8 प्रकार हे :-
वासु:, धर, ध्रुव, सोम, अह, अनिल, अनल, प्रत्युष और प्रभाष।

11 प्रकार है :- 
रुद्र: ,हर,बहुरुप, त्रयँबक,
अपराजिता, बृषाकापि, शँभू, कपार्दी,
रेवात, मृगव्याध, शर्वा, और कपाली।

एवँ
दो प्रकार हैँ अश्विनी और कुमार।

कुल :- 12+8+11+2=33 कोटी 

अगर कभी भगवान् के आगे हाथ जोड़ा है
तो इस जानकारी को अधिक से अधिक
लोगो तक पहुचाएं। ।

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
१ हिन्दु हाेने के नाते जानना ज़रूरी है

This is very good information for all of us ... जय श्रीकृष्ण ...

अब आपकी बारी है कि इस जानकारी को आगे बढ़ाएँ ......

अपनी भारत की संस्कृति 
को पहचाने.
ज्यादा से ज्यादा
लोगो तक पहुचाये. 
खासकर अपने बच्चो को बताए 
क्योकि ये बात उन्हें कोई नहीं बताएगा...

📜😇  दो पक्ष-

कृष्ण पक्ष , 
शुक्ल पक्ष !

📜😇  तीन ऋण -

देव ऋण , 
पितृ ऋण , 
ऋषि ऋण !

📜😇   चार युग -

सतयुग , 
त्रेतायुग ,
द्वापरयुग , 
कलियुग !

📜😇  चार धाम -

द्वारिका , 
बद्रीनाथ ,
जगन्नाथ पुरी , 
रामेश्वरम धाम !

📜😇   चारपीठ -

शारदा पीठ ( द्वारिका )
ज्योतिष पीठ ( जोशीमठ बद्रिधाम ) 
गोवर्धन पीठ ( जगन्नाथपुरी ) , 
शृंगेरीपीठ !

📜😇 चार वेद-

ऋग्वेद , 
अथर्वेद , 
यजुर्वेद , 
सामवेद !

📜😇  चार आश्रम -

ब्रह्मचर्य , 
गृहस्थ , 
वानप्रस्थ , 
संन्यास !

📜😇 चार अंतःकरण -

मन , 
बुद्धि , 
चित्त , 
अहंकार !

📜😇  पञ्च गव्य -

गाय का घी , 
दूध , 
दही ,
गोमूत्र , 
गोबर !

📜😇  पञ्च देव -

गणेश , 
विष्णु , 
शिव , 
देवी ,
सूर्य !

📜😇 पंच तत्त्व -

पृथ्वी ,
जल , 
अग्नि , 
वायु , 
आकाश !

📜😇  छह दर्शन -

वैशेषिक , 
न्याय , 
सांख्य ,
योग , 
पूर्व मिसांसा , 
दक्षिण मिसांसा !

📜😇  सप्त ऋषि -

विश्वामित्र ,
जमदाग्नि ,
भरद्वाज , 
गौतम , 
अत्री , 
वशिष्ठ और कश्यप! 

📜😇  सप्त पुरी -

अयोध्या पुरी ,
मथुरा पुरी , 
माया पुरी ( हरिद्वार ) , 
काशी ,
कांची 
( शिन कांची - विष्णु कांची ) , 
अवंतिका और 
द्वारिका पुरी !

📜😊  आठ योग - 

यम , 
नियम , 
आसन ,
प्राणायाम , 
प्रत्याहार , 
धारणा , 
ध्यान एवं 
समािध !

📜😇 आठ लक्ष्मी -

आग्घ , 
विद्या , 
सौभाग्य ,
अमृत , 
काम , 
सत्य , 
भोग ,एवं 
योग लक्ष्मी !

📜😇 नव दुर्गा --

शैल पुत्री , 
ब्रह्मचारिणी ,
चंद्रघंटा , 
कुष्मांडा , 
स्कंदमाता , 
कात्यायिनी ,
कालरात्रि , 
महागौरी एवं 
सिद्धिदात्री !

📜😇   दस दिशाएं -

पूर्व , 
पश्चिम , 
उत्तर , 
दक्षिण ,
ईशान , 
नैऋत्य , 
वायव्य , 
अग्नि 
आकाश एवं 
पाताल !

📜😇  मुख्य ११ अवतार -

 मत्स्य , 
कच्छप , 
वराह ,
नरसिंह , 
वामन , 
परशुराम ,
श्री राम , 
कृष्ण , 
बलराम , 
बुद्ध , 
एवं कल्कि !

📜😇 बारह मास - 

चैत्र , 
वैशाख , 
ज्येष्ठ ,
अषाढ , 
श्रावण , 
भाद्रपद , 
अश्विन , 
कार्तिक ,
मार्गशीर्ष , 
पौष , 
माघ , 
फागुन !

📜😇  बारह राशी - 

मेष , 
वृषभ , 
मिथुन ,
कर्क , 
सिंह , 
कन्या , 
तुला , 
वृश्चिक , 
धनु , 
मकर , 
कुंभ , 
मीन!

📜😇 बारह ज्योतिर्लिंग - 

सोमनाथ ,
मल्लिकार्जुन ,
महाकाल , 
ओमकारेश्वर , 
बैजनाथ , 
रामेश्वरम ,
विश्वनाथ , 
त्र्यंबकेश्वर , 
केदारनाथ , 
घुष्नेश्वर ,
भीमाशंकर ,
नागेश्वर !

📜😇 पंद्रह तिथियाँ - 

प्रतिपदा ,
द्वितीय ,
तृतीय ,
चतुर्थी , 
पंचमी , 
षष्ठी , 
सप्तमी , 
अष्टमी , 
नवमी ,
दशमी , 
एकादशी , 
द्वादशी , 
त्रयोदशी , 
चतुर्दशी , 
पूर्णिमा , 
अमावास्या !

📜😇 स्मृतियां - 

मनु , 
विष्णु , 
अत्री , 
हारीत ,
याज्ञवल्क्य ,
उशना , 
अंगीरा , 
यम , 
आपस्तम्ब , 
सर्वत ,
कात्यायन , 
ब्रहस्पति , 
पराशर , 
व्यास , 
शांख्य ,
लिखित , 
दक्ष , 
शातातप , 
वशिष्ठ !

******************* ***

इस पोस्ट को अधिकाधिक शेयर करें जिससे सबको हमारी संस्कृति का ज्ञान हो।

Monday, March 2, 2020

*लकवा (पॅरालिसीस)*


*लकवा   (पॅरालिसीस)*
      गाव : आसुर्ले-पोर्ले
महाराष्ट्र , जि. कोल्हापूर, कोल्हापूर शहर  पासून ९ कि.मी., पोर्ले म्हणून गाव आहे
त्या गावा मध्ये *श्री. डाॅ. पी. एस्. कुंभार* आयर्वेदिक डाॅक्टर आहेत, 
ते लकवा / पॅरालिसीस या अाजारावर रामबाण उपचार करतात,
लकवा किती पण जूना व गंभीर असू द्या, तो १००% बरा होणारच. पेशंटचे रिपोर्ट सोबत अाणावे.
 पेशंट १००% कव्हरच होतो. जे पेशंट अॅब्युलन्स मध्ये आले ते चालत जातात...  ते सर्व आता चालतात फिरतात... नाॅर्मल आहेत .
आपल्याकडून जर कोणाचा जीव वाचत असेल, तर या पेक्षा दुसरी कुठली मानव सेवा नही. 
 धन्यवाद.....
टीप :- फोन करण्याची वेळ 08:30 am to 10:00 am. 
शेयर करा कोणत्याही गरजूला उपयोगी पडेल
*Dr. P. S. Kumbhar*
*Mob. :- 7741030267* 
बाकी जोक इत्यादी सर्व आपण शेअर करताच.
   तसेच थोडा वेळ काढून ही माहिती ही सर्वांना पाठवून एखाद्याचे प्राण वाचवा.
चला फॉरवर्ड करा
 *धन्यवाद.......!

Monday, February 10, 2020

श्री हनुमान चालीसा अर्थ सहित!!

हम सब हनुमान चालीसा पढते हैं, सब रटा रटाया।

क्या हमे चालीसा पढते समय पता भी होता है कि हम हनुमानजी से क्या कह रहे हैं या क्या मांग रहे हैं?

बस रटा रटाया बोलते जाते हैं। आनंद और फल शायद तभी मिलेगा जब हमें इसका मतलब भी पता हो।

तो लीजिए पेश है श्री हनुमान चालीसा अर्थ सहित!!

ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ
श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि।
बरनऊँ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।
📯《अर्थ》→ गुरु महाराज के चरण.कमलों की धूलि से अपने मन रुपी दर्पण को पवित्र करके श्री रघुवीर के निर्मल यश का वर्णन करता हूँ, जो चारों फल धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को देने वाला हे।★
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बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन कुमार।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार।★
📯《अर्थ》→ हे पवन कुमार! मैं आपको सुमिरन.करता हूँ। आप तो जानते ही हैं, कि मेरा शरीर और बुद्धि निर्बल है। मुझे शारीरिक बल, सदबुद्धि एवं ज्ञान दीजिए और मेरे दुःखों व दोषों का नाश कर दीजिए।★
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जय हनुमान ज्ञान गुण सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥1॥★
📯《अर्थ 》→ श्री हनुमान जी! आपकी जय हो। आपका ज्ञान और गुण अथाह है। हे कपीश्वर! आपकी जय हो! तीनों लोकों,स्वर्ग लोक, भूलोक और पाताल लोक में आपकी कीर्ति है।★
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राम दूत अतुलित बलधामा, अंजनी पुत्र पवन सुत नामा॥2॥★
📯《अर्थ》→ हे पवनसुत अंजनी नंदन! आपके समान दूसरा बलवान नही है।★
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महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी॥3॥★
📯《अर्थ》→ हे महावीर बजरंग बली! आप विशेष पराक्रम वाले है। आप खराब बुद्धि को दूर करते है, और अच्छी बुद्धि वालो के साथी, सहायक है।★
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कंचन बरन बिराज सुबेसा, कानन कुण्डल कुंचित केसा॥4॥★
📯《अर्थ》→ आप सुनहले रंग, सुन्दर वस्त्रों, कानों में कुण्डल और घुंघराले बालों से सुशोभित हैं।★
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हाथ ब्रज और ध्वजा विराजे, काँधे मूँज जनेऊ साजै॥5॥★
📯《अर्थ》→ आपके हाथ मे बज्र और ध्वजा है और कन्धे पर मूंज के जनेऊ की शोभा है।★
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शंकर सुवन केसरी नंदन, तेज प्रताप महा जग वंदन॥6॥★
📯《अर्थ 》→ हे शंकर के अवतार! हे केसरी नंदन! आपके पराक्रम और महान यश की संसार भर मे वन्दना होती है।★
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विद्यावान गुणी अति चातुर, राम काज करिबे को आतुर॥7॥★
📯《अर्थ 》→ आप प्रकान्ड विद्या निधान है, गुणवान और अत्यन्त कार्य कुशल होकर श्री राम काज करने के लिए आतुर रहते है।★
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प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया, राम लखन सीता मन बसिया॥8॥★
📯《अर्थ 》→ आप श्री राम चरित सुनने मे आनन्द रस लेते है। श्री राम, सीता और लखन आपके हृदय मे बसे रहते है।★
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सूक्ष्म रुप धरि सियहिं दिखावा, बिकट रुप धरि लंक जरावा॥9॥★
📯《अर्थ》→ आपने अपना बहुत छोटा रुप धारण करके सीता जी को दिखलाया और भयंकर रूप करके.लंका को जलाया।★
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भीम रुप धरि असुर संहारे, रामचन्द्र के काज संवारे॥10॥★
📯《अर्थ 》→ आपने विकराल रुप धारण करके.राक्षसों को मारा और श्री रामचन्द्र जी के उदेश्यों को सफल कराया।★
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लाय सजीवन लखन जियाये, श्री रघुवीर हरषि उर लाये॥11॥★
📯《अर्थ 》→ आपने संजीवनी बुटी लाकर लक्ष्मणजी को जिलाया जिससे श्री रघुवीर ने हर्षित होकर आपको हृदय से लगा लिया।★
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रघुपति कीन्हीं बहुत बड़ाई, तुम मम प्रिय भरत सम भाई॥12॥★
📯《अर्थ 》→ श्री रामचन्द्र ने आपकी बहुत प्रशंसा की और कहा की तुम मेरे भरत जैसे प्यारे भाई हो।★
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सहस बदन तुम्हरो जस गावैं, अस कहि श्री पति कंठ लगावैं॥13॥★
📯《अर्थ 》→ श्री राम ने आपको यह कहकर हृदय से.लगा लिया की तुम्हारा यश हजार मुख से सराहनीय है।★
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सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा, नारद,सारद सहित अहीसा॥14॥★
📯《अर्थ》→श्री सनक, श्री सनातन, श्री सनन्दन, श्री सनत्कुमार आदि मुनि ब्रह्मा आदि देवता नारद जी, सरस्वती जी, शेषनाग जी सब आपका गुण गान करते है।★
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जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते, कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥15॥★
📯《अर्थ 》→ यमराज,कुबेर आदि सब दिशाओं के रक्षक, कवि विद्वान, पंडित या कोई भी आपके यश का पूर्णतः वर्णन नहीं कर सकते।★
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तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा, राम मिलाय राजपद दीन्हा॥16॥★
📯《अर्थ 》→ आपनें सुग्रीव जी को श्रीराम से मिलाकर उपकार किया, जिसके कारण वे राजा बने।★
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तुम्हरो मंत्र विभीषण माना, लंकेस्वर भए सब जग जाना ॥17॥★
📯《अर्थ 》→ आपके उपदेश का विभिषण जी ने पालन किया जिससे वे लंका के राजा बने, इसको सब संसार जानता है।★
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जुग सहस्त्र जोजन पर भानू, लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥18॥★
📯《अर्थ 》→ जो सूर्य इतने योजन दूरी पर है की उस पर पहुँचने के लिए हजार युग लगे। दो हजार योजन की दूरी पर स्थित सूर्य को आपने एक मीठा फल समझ कर निगल लिया।★
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प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहि, जलधि लांघि गये अचरज नाहीं॥19॥★
📯《अर्थ 》→ आपने श्री रामचन्द्र जी की अंगूठी मुँह मे रखकर समुद्र को लांघ लिया, इसमें कोई आश्चर्य नही है।★
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दुर्गम काज जगत के जेते, सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥20॥★
📯《अर्थ 》→ संसार मे जितने भी कठिन से कठिन काम हो, वो आपकी कृपा से सहज हो जाते है।★
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राम दुआरे तुम रखवारे, होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥21॥★
📯《अर्थ 》→ श्री रामचन्द्र जी के द्वार के आप.रखवाले है, जिसमे आपकी आज्ञा बिना किसी को प्रवेश नही मिलता अर्थात आपकी प्रसन्नता के बिना राम कृपा दुर्लभ है।★
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सब सुख लहै तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू.को डरना॥22॥★
📯《अर्थ 》→ जो भी आपकी शरण मे आते है, उस सभी को आन्नद प्राप्त होता है, और जब आप रक्षक. है, तो फिर किसी का डर नही रहता।★
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आपन तेज सम्हारो आपै, तीनों लोक हाँक ते काँपै॥23॥★
📯《अर्थ. 》→ आपके सिवाय आपके वेग को कोई नही रोक सकता, आपकी गर्जना से तीनों लोक काँप जाते है।★
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भूत पिशाच निकट नहिं आवै, महावीर जब नाम सुनावै॥24॥★
📯《अर्थ 》→ जहाँ महावीर हनुमान जी का नाम सुनाया जाता है, वहाँ भूत, पिशाच पास भी नही फटक सकते।★
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नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा॥25॥★
📯《अर्थ 》→ वीर हनुमान जी! आपका निरंतर जप करने से सब रोग चले जाते है,और सब पीड़ा मिट जाती है।★
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संकट तें हनुमान छुड़ावै, मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥26॥★
📯《अर्थ 》→ हे हनुमान जी! विचार करने मे, कर्म करने मे और बोलने मे, जिनका ध्यान आपमे रहता है, उनको सब संकटो से आप छुड़ाते है।★
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सब पर राम तपस्वी राजा, तिनके काज सकल तुम साजा॥ 27॥★
📯《अर्थ 》→ तपस्वी राजा श्री रामचन्द्र जी सबसे श्रेष्ठ है, उनके सब कार्यो को आपने सहज मे कर दिया।★
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और मनोरथ जो कोइ लावै, सोई अमित जीवन फल पावै॥28॥★
📯《अर्थ 》→ जिस पर आपकी कृपा हो, वह कोई भी अभिलाषा करे तो उसे ऐसा फल मिलता है जिसकी जीवन मे कोई सीमा नही होती।★
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चारों जुग परताप तुम्हारा, है परसिद्ध जगत उजियारा॥29॥★
📯《अर्थ 》→ चारो युगों सतयुग, त्रेता, द्वापर तथा कलियुग मे आपका यश फैला हुआ है, जगत मे आपकी कीर्ति सर्वत्र प्रकाशमान है।★
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साधु सन्त के तुम रखवारे, असुर निकंदन राम दुलारे॥30॥★
📯《अर्थ 》→ हे श्री राम के दुलारे ! आप.सज्जनों की रक्षा करते है और दुष्टों का नाश करते है।★
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अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता, अस बर दीन जानकी माता॥३१॥★
📯《अर्थ 》→ आपको माता श्री जानकी से ऐसा वरदान मिला हुआ है, जिससे आप किसी को भी आठों सिद्धियां और नौ निधियां दे सकते है।★
1.) अणिमा → जिससे साधक किसी को दिखाई नही पड़ता और कठिन से कठिन पदार्थ मे प्रवेश कर.जाता है।★
2.) महिमा → जिसमे योगी अपने को बहुत बड़ा बना देता है।★
3.) गरिमा → जिससे साधक अपने को चाहे जितना भारी बना लेता है।★
4.) लघिमा → जिससे जितना चाहे उतना हल्का बन जाता है।★
5.) प्राप्ति → जिससे इच्छित पदार्थ की प्राप्ति होती है।★
6.) प्राकाम्य → जिससे इच्छा करने पर वह पृथ्वी मे समा सकता है, आकाश मे उड़ सकता है।★
7.) ईशित्व → जिससे सब पर शासन का सामर्थय हो जाता है।★
8.)वशित्व → जिससे दूसरो को वश मे किया जाता है।★
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राम रसायन तुम्हरे पासा, सदा रहो रघुपति के दासा॥32॥★
📯《अर्थ 》→ आप निरंतर श्री रघुनाथ जी की शरण मे रहते है, जिससे आपके पास बुढ़ापा और असाध्य रोगों के नाश के लिए राम नाम औषधि है।★
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तुम्हरे भजन राम को पावै, जनम जनम के दुख बिसरावै॥33॥★
📯《अर्थ 》→ आपका भजन करने से श्री राम.जी प्राप्त होते है, और जन्म जन्मांतर के दुःख दूर होते है।★
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अन्त काल रघुबर पुर जाई, जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई॥34॥★
📯《अर्थ 》→ अंत समय श्री रघुनाथ जी के धाम को जाते है और यदि फिर भी जन्म लेंगे तो भक्ति करेंगे और श्री राम भक्त कहलायेंगे।★
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और देवता चित न धरई, हनुमत सेई सर्व सुख करई॥35॥★
📯《अर्थ 》→ हे हनुमान जी! आपकी सेवा करने से सब प्रकार के सुख मिलते है, फिर अन्य किसी देवता की आवश्यकता नही रहती।★
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संकट कटै मिटै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥36॥★
📯《अर्थ 》→ हे वीर हनुमान जी! जो आपका सुमिरन करता रहता है, उसके सब संकट कट जाते है और सब पीड़ा मिट जाती है।★
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जय जय जय हनुमान गोसाईं, कृपा करहु गुरु देव की नाई॥37॥★
📯《अर्थ 》→ हे स्वामी हनुमान जी! आपकी जय हो, जय हो, जय हो! आप मुझपर कृपालु श्री गुरु जी के समान कृपा कीजिए।★
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जो सत बार पाठ कर कोई, छुटहि बँदि महा सुख होई॥38॥★
📯《अर्थ 》→ जो कोई इस हनुमान चालीसा का सौ बार पाठ करेगा वह सब बन्धनों से छुट जायेगा और उसे परमानन्द मिलेगा।★
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जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा, होय सिद्धि साखी गौरीसा॥39॥★
📯《अर्थ 》→ भगवान शंकर ने यह हनुमान चालीसा लिखवाया, इसलिए वे साक्षी है कि जो इसे पढ़ेगा उसे निश्चय ही सफलता प्राप्त होगी।★
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तुलसीदास सदा हरि चेरा, कीजै नाथ हृदय मँह डेरा॥40॥★
📯《अर्थ 》→ हे नाथ हनुमान जी! तुलसीदास सदा ही श्री राम का दास है।इसलिए आप उसके हृदय मे निवास कीजिए।★
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पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रुप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥★
📯《अर्थ 》→ हे संकट मोचन पवन कुमार! आप आनन्द मंगलो के स्वरुप है। हे देवराज! आप श्री राम, सीता जी और लक्ष्मण सहित मेरे हृदय मे निवास कीजिए।★
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जय श्री राम 🙏

Saturday, January 18, 2020

🔱आर्युवेद एवं जडी़ बुटी से लाईलाज बीमारियों का चमत्कारी ईलाज 🔱

🔱आर्युवेद एवं जडी़ बुटी 
से लाईलाज बीमारियों
 का चमत्कारी ईलाज 🔱
चिकित्सक वैदराज --श्री बीसन सिंह पुसान। ग्राम =भीमा,, पंचायत =गुदमा,,, तहसील =बीसा,,जिला =बालाघाट,, 
अभी तक कैंसर के लगभग२०००० मरीज एवं HIV के ३५० मरीज और किडनी के ७०० मरीज ठीक हुए हैं। 
सन् १९८५ से अभी तक निशुल्क ईलाज जारी है। सात से आठ राज्यों के मरीज अभी तक ठीक हुए हैं। साथ में इसका विडियो भी जरूर देखें और दुसरो को भी दिखाए।

Monday, January 6, 2020

*८० % पर्यंत भाजलेले शरीर* *पुर्णतः बरे करणारा मलम.*

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           *८० % पर्यंत भाजलेले शरीर* 
           *पुर्णतः बरे करणारा मलम.*


*गणेशवाडी जि•कोल्हापूर
ता • शिरोळ या गावात *श्री सागर कुचनूरे* यांच्याकडे वैशिष्टयपुर्ण मलम मिळतो.

*उदा•  10  ते 80% पर्यंत भाजलेल शरीर पुर्णत: 1 महिन्यात नीट होते*

आत्तापर्यत त्यांच्या कडे हजारो माणसे ,जनावरे नीट झाली आहेत

*(कोणत्याही प्रकारची फी घेत नाहीत)*

    कृपया हा मेसेज दुसर्या ग्रुपवर पाठवा. 
    कोणा गरजूंना त्याचा फायदा होईल. 

संपर्क- 9689017556

         🙏🏻🍀🍀🍀🍀🍀🙏🏻

Sunday, December 8, 2019

व्यवसाय हीच यशाची गुरुकिल्ली आहे.

सुशिक्षित युवकांसाठी मार्गदर्शन........

१ 】चहा काॅफी करुन विकणे. पाचपट नफा. 
२】 कुल्फी विकणे. घरीच केली तर तिप्पट नफा. 
३ 】मासे विकणे. दिडपट नफा.
४ 】आंबे होलसेल आणून रिटेल विकणे. 
५ 】तरकारी अर्थात पहाटे होलसेल भाजी खरेदी करून रिटेल विकणे दिडपट होतात
६ 】पाणीपुरी रगडा पुरी विकणे यात पैसे तिप्पट होतात 
७】 कच्छी दाबेली. हातगाडी भाड्याने घ्या व चौपट नफा मिळवा. दाबेलीचे वेगळे पाव मिळतात. 
८ 】वडापावची गाडी लावा. स्वस्त विकलेत तरी दिडपट नफा.
९ 】मूग भजी ची विक्री करा. घराबाहेरच स्टाॅल लावा. नंबर वन धंदा होतो. तिप्पट नफा. 
१०】 ढोकळा विक्री. घरी ढोकळा बनवा. चटणी बनवा. मोठ्या स्टीलच्या डब्यात भरुन घराबाहेर किंवा मोक्याच्या ठिकाणी विका. 
११ 】चाळीस रुपये किलोच्या डोश्याच्या पीठाचे वीस डोसा तयार होतात. एक डोसा वीस रुपयांना विका. सोबत भाजक्या डाळीची चटणी व बटाटा भाजी द्या. याच पीठाचे वडेसुध्दा विकता येतात. 
१२】 घरीच पोळी भाजी बनवुन कस्टमरला ऑफिस पोच डबा पोहोचवा. 
१३】 फळ विक्री करा. 
१४ 】शहाळे आणून विका. रोज तेच ते ग्राहक मिळेल. बावीस रुपयांचे चाळीस रुपये होतात. 
१५ 】कापडाचे तुकडे पोत्याने विकत मिळतात. घरी शिलाई मशीन असेल व कोणाले शिलाई करता येत असेल तर झबले टोपडे व दुपटे करून विका. टाकाऊतुन टिकाऊ बनवा. 
१६】 फ्लेक्स बोर्ड तयार करुन, आणून, चिटकवून, लावून द्या. दोनशे ते पाचशे रुपये प्रती मिळतात. 
१७ 】सातारा येथे राजवाड्याजवळ सुट्ट्या उदबत्त्या वजनावर विकतात तशा आपल्या स्वतःच्या गावातही विकता येईल. 
१८】मुंबई येथे होलसेल मार्केट मध्ये कपड्यांचा लाॅट विकत आणून घरी सुध्दा बिझिनेस सुरु करु शकता. दादर रेल्वे स्टेशन शेजारीच होलसेल मार्केट आहे. 
१९】 मंदिराजवळ नारळ विक्री करा
२० फुलांच्या मार्केटमधुन फुलं आणा व त्याचे हार करुन विका. यात खुप फायदा आहे. 
२१】 हाॅटेलला कडधान्ये पुरवणे. 
२२】 हाॅटेलला बटाटे खुप लागतात. सप्लाय करा. 
२३ 】घरी चटणीचे चार पाच प्रकार तयार करुन थेट फूड मार्ट ला विका किंवा स्वतः रिटेल करा. 
२४】 लेदर शिलाईची जुनी मशीन घ्या व सिटकव्हर तयार करुन विका. चांगले मार्जिन मिळते. 
२५】 मार्केटला लसणाच्या पाकळ्या होलसेलमध्ये मिळतात. घरी आणून गरम पाण्यात मीठ टाकून लसणाच्या पाकळ्या टाकल्या की लगेच हाताने चोळुनही साले निघतात. हाॅटेल, भाजीवाले यांना छोटी मोठी पाकिटे करुन विका. 
२६】 एलईडी बल्ब स्टाॅल लावून विका. आपल्या ग्रुपवर त्याचे होलसेलर आहेत
२७】 ज्यांना योगासने येतात त्यांनी त्याचे क्लास सुरु करावेत. 
२८】 महिलांसाठी घरगुती बिझिनेस, पाळणाघर सर्वात बेस्ट बिझिनेस करु शकता. भांडवल लागतेच. खेळणी, दूध, इ. ठेवावे लागते 
२९】 प्लॅस्टीक बंदी होणार असल्यामुळे कागदी व कापडी पिशव्यांची मागणी वाढत आहे. घरी तयार करा. दुकानदारांना थेट विका. खुप स्कोप आहे. 
३०】 पेस्टकंट्रोल कसे करतात शिकून घ्या. हा धंदा उन्हाळ्यात खुप चालतो. रुमनुसार रेट असतात. 
३१】 प्लंबिंग काम शिकून घ्या. दररोज हजार रुपये 'सहज कमवा'.
३२】 विको दंतमंजनच्या मागे लिहिलेले साहित्य काष्टौषधीच्या दुकानातुन आणून त्याचे घरी दंतमंजन तयार करा. खुप परवडते. 
३३】 काही औषधी जंगलात जाऊन गोळा करुन आणून आयुर्वेद डाॅक्टरांना विका. 
३४】 गोमुत्र गोळा करुन बाटलीत पॅक करुन विका. 
३५】 खेडेगावात असाल तर दुध गोळा करुन शहरात जाऊन विका. देशी गायीचे दूध शहरात सत्तर रुपये ते दोनशे रुपये प्रतिलीटर विकले जाते. 
३६】 गावाकडे उन्हाळ्यात कडबा कुट्टी खुप चालते. ज्याच्याकडे यंत्र आहे त्याच्याकडे जाऊन पोती भरुन घरपोच करता येतील. 
३७】 फाईल तयार करायचा पुष्ठा मिळतो. पट्ट्याही मिळतात. फक्त कटिंग मशीनने कटींग करुन ऑफिसला सप्लाय करु शकता. प्रिंटिंग करुन पाहिजे असल्यास प्रेसमधून करुन घेऊ शकता. 
३८】 स्टेपलर, त्याच्या पिना, पंच मशीन ऑफिसला सप्लाय करुन वीस ते पंचवीस टक्के फायदा मिळतोच. फक्त तुम्हाला बरेच ऑफिस शोधावे लागतील. 
३९】 आता लगीनसराई सुरु झाली आहे. नवरदेवाचे फेटे विका. ज्यांचे टेलरींगचे दुकान आहे त्यांना हा जोडधंदा म्हणून चांगला आहे 
४०】 भगव्या फेट्यांची फॅशन जोरात चालू आहे. फेटा बांधायला शिका. चार महीने भरपूर कमवा. सोबत भगव्या फेट्याचे कापडही भाड्याने द्या. 
४१】 उन्हाळ्यात चिंच फोडून चिंच वेगळी करुन विकू शकता.  शिरे व टरफले यांची पुड बनवुन त्यात मीठ मिसळुन तांबे पितळेची भांडी घासायला पावडर तयार करु शकता. चिंचोक्याचे भट्टीतुन लाह्याही बनवतात.
४२】 उन्हाळ्यात होलसेल दही आणून त्याचे घुसळुन लोणी व ताक काढले जाते. मसाला ताक करुन विकणे हा खुप फायदेशीर बिझिनेस आहे. फक्त त्यात बर्फ टाकू नये. त्याऐवजी माठात साठवून ठेवता येते. तसे विका
४३】देवदेवतांचे साचे विकत मिळतात. त्यात POP टाकून मुर्ती बनवता येतील व रंगवून विकता येतील परंतु याला प्रशिक्षणाची व कौशल्याची खुप गरज आहे. कलेतुन पैसे जास्त मिळतात. 
४४】रद्दी खरेदी करणे गठ्ठे बांधून होलसेल विकणे हा सर्वात कमी भांडवलाचा सुंदर व्यवसाय आहे. अनुभवातुन हा व्यवसाय मोठा करता येईल
४५】जिमचा अनुभव असेल तर शहरामध्ये जाम कोच म्हणून सेलिब्रेटीजना गाईडंस करुन भरपूर फी मिळते. 
४६】शेवचिवडा होलसेल आणायचा. चुरमुरे पोत्याने आणायचे. चुरमुरे चाळण मारुन साफ करून घ्यायचे. चिंचपाणी घरीच तयार करुन ओली व सुकी भेळ विकता येईल. अगदी हातगाडीसुध्दा चालेल. नाट्यगृह, समुद्र बीच, गजबजलेल्या रस्त्यावर किंवा बागेबाहेर अशी छोटी दुकाने थाटली जातात. 
४७】धोबी अर्थात लाँड्रीवाले कामगार ठेवतात. धुवायचे कपडे, ड्रायक्लिन कपडे बाहेरच्या माणसाकडुन घेतले जाते. हल्ली हा बिझिनेस कोणीही करत आहे. शहरात जाऊन टाकला तर मी खात्रीने सांगतो तुम्ही हा बिझिनेसमध्ये यशच मिळवणार. कारण शहरात महिला नोकरीचे प्रमाण खुप आहे. 
४८】रेडियम चा बिझनेसही खुप चांगला आहे पण मशीनरी आवश्यक आहे. सध्या सर्वात जास्त चालणारा बिझिनेस आहे. नंबर प्लेट ते गाडीचे डेकोरेशन सर्वात रेडियम वापरतात. रोल होलसेल मिळतात. अगदी घरीही ब्लेडने कटिंग करुन विकता येते. 
४९】रिचार्ज चा बिझनेसही खुप चांगला आहे. एक हजारपासून सुरु करता येतो. विशिष्ठ टारगेट पुर्ण केले तर स्कीमनुसार अनेक जादाचे फायदेही मिळतात. 
५०】 सर्वात सुंदर व लेटेस्ट बिझिनेस म्हणजे मोबाईल अॅक्सेसरीज विकणे....

मित्रानो,स्वावलंबी व्हा, जिद्दीने जगा,श्रीमंत व्हा,रुबाबात रहा,गरजू-गरिबांना मदत करा,तुम्ही पण श्रीमंत होऊ शकता हे कायम ध्यानात ठेवा.

व्यवसाय हीच यशाची गुरुकिल्ली आहे.