Saturday, August 5, 2017

हाताचे महत्व

हड्डियों की मजबूती के लिए

हड्डियों की मजबूती के लिए



आधुनिक लाइफ स्टाइल की एक बीमारी आस्टियोपोरोसिस है जो चुपके से आपकी हड्डियों में अपना निवास बना लेती है जिसे आप जान भी नहीं पाते। तब जानते हैं जब वो आपकी परेशानी का सबब बन जाती है।
ऑस्टियोपोरोसिस लगभग 35 वर्ष से ऊपर की महिलाओं में होने वाला आम रोग है जिसमें हड्डियां काफी कमजोर हो जाती हैं। हल्की सी चोट लगने पर, झटका लगने पर वे टूट जाती हैं।
टूटने से उनकी बनावट पर भी प्रभाव पड़ता है। जब चोट लगने पर हड्डी टूटती है तो डॉक्टरी जांच से पता चलता है कि रोगी को आस्टियोपोरोसिस की शुरूआत हो चुकी है।
प्राकृतिक रूप से हड्डियों का बनना और बिगडऩा हमारे शरीर में चलता रहता है। इसी से हड्डियों के घनत्व और हड्डियों की मजबूती निर्धारित होती है।
सामान्यतया शरीर में दो प्रकार की ग्रंथियां काम करती हैं परंतु 30 वर्ष के बाद हड्डियों में बनने की प्रक्रिया बहुत कम और गलने की प्रक्रिया बहुत तेजी से होती है जिसके परिणामस्वरूप हड्डियों का कमजोर होना प्रारम्भ हो जाता है। महिलाओं में यह रोग पुरूषों की अपेक्षा अधिक होता है। उसके पीछे कारण हैं गर्भाधान, डिलीवरी के उपरांत शिशु को स्तनपान, मीनोपॉज आदि।
ऑस्टियोपोरोसिस से अपना बचाव कैसे करें, अगर यह रोग हो जाता है तो क्या करें, क्या न करें, इस बारे में सरिता विहार नई दिल्ली स्थित बोन एंड ज्वाइंट्स केयर फाउंडेशन के डायरेक्टर अस्थि रोग विशेषज्ञ डा. सुभाष शल्या से जानते हैं अधिक जानकारी:-
आस्टियोपोरोसिस के अन्य कारण
- जिन महिलाओं की संतान नहीं होती, उनमें आस्टियोपोरोसिस की आशंका बढ़ जाती है।
- आनुवंशिक रोग भी आस्टियोपोरोसिस। परिवार में पहले किसी को यदि यह रोग हुआ हो तो अगली पीढ़ी को होने की आशंका बढ़ जाती है।
- किसी कारण से महिला का गर्भाशय आपरेशन द्वारा निकालना पड़े तो उस महिला को शीघ्र इसका सामना करना पड़ सकता है।
- शीघ्र मीनोपॉज होने पर भी इस स्थिति से निपटना पड़ता है। अधिकतर भारतीय महिलाओं में 40 से 50 वर्ष तक मीनोपॉज होता है पर जब मीनोपॉज 35 से 40 वर्ष में हो जाए तो हड्डियां शीघ्र कमजोर पडऩे लगती हैं क्योंकि मीनोपॉज के कारण महिलाओं में एस्ट्रोजन हारमोन बनना बंद हो जाता है।
- डा. शल्या के अनुसार जो लोग डेस्क जॉब अधिक समय के लिए करते हों और शारीरिक श्रम कम तो ऐसे लोग भी इस चपेट में आ जाते हैं।
- नियमित व्यायाम की कमी के कारण।
- हार्मोन संबंधी रोग जैसे थायराइड या किडनी की बीमारी से ग्रस्त रोग को आस्टियोपोरोसिस हो सकता है।
डा. शल्या के अनुसार खाने में कैल्शियम, विटामिन डी और प्रोटीन की कमी से भी हड्डियां शीघ्र कमजोर पड़ती हैं।
डा. शल्या कहते हैं,'अगर आस्टियोपोरोसिस के बारे में सही समय पर पता चल जाए तो इसे बढऩे से रोका जा सकता है और हड्डियों को हुए नुक्सान को भी कम किया जा सकता है यदि हम अपने लाइफस्टाइल में सुधार ले आएं तो।
कैसे करें बचाव
- आस्टियोपोरोसिस के प्रति जागरूकता इसका पहला इलाज है। यदि इनके कारणों के बारे में पता हो तो इसके होने की आशंका कम हो जाती है।
- खाने में कैल्शियम की सही मात्रा का सेवन करें।
- नियमित रूप से व्यायाम करें जैसे तेज चलना, तैरना, साइकलिंग आदि। इसमें तैरना आस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए उत्तम व्यायाम है।
- नियमित रूप से सलाद व स्प्राउट्स का सेवन करें।
- मीनोपॉज के बाद बोन डेंसिटी टेस्ट करवायें।
- अधिक तैलीय भोजन का प्रयोग न करें।
- डायटिंग न करें।
- धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।
- चॉय काफी का सेवन न करें।
- सॉफ्ट ड्रिंक्स भी न पिएं क्योंकि इनमें सल्फर व फास्फोरस अधिक होता है जो कैल्शियम को नष्ट करता है।
- कद के मुताबिक वजन अधिक न बढऩे दें।
-मेघा

सोने से पहले कान में प्याज का टुकड़ा रख कर सोये, फिर देखे चमत्कार

सोने से पहले कान में प्याज का टुकड़ा रख कर सोये, फिर देखे चमत्कार



प्याज हमारे खाने को स्वादिष्ट बनाने का काम करता है| पर क्या आपको पता है की प्याज सिर्फ हमारे खाने के स्वाद को ही नहीं बढ़ाता है बल्कि ये एक औषधि के रूप में भी काम करता है| प्याज में भरपूर मात्रा में केलिसिन और रायबोफ्लेविन तत्व मौजूद होते है, इसके अलावा प्याज में कुछ ऐसे गुण मौजूद होते है जो हमारे शरीर को  जीवाणुरोधी, तनावरोधी, दर्द निवारक, पथरी, गठिया, लू, मधुमेह और कई अन्य बीमारियों से बचाए रखने में मददगार होते है| अगर आप प्याज के एक टुकड़े को लेकर रात में सोने से पहले अपने मोज़े में और कान में रखकर सोते है तो कई तरह की बीमारियों से अपने शरीर का बचाव कर सकते है|
1-प्याज में भरपूर मात्रा में फॉस्फोरिक एसिड मौजूद होते है जो रक्त की धमनियों में जाकर खून को शुद्ध करने का काम करते है| इसलिए रात में सोने से पहले कान में  प्याज का टुकड़ा रख कर सोये|
2-अगर आपके पैरो से पसीने की बदबू आती है तो आपके लिए रात में प्याज को कान में रखकर सोना फायदेमंद साबित हो सकता है|
3-कान में दर्द या जलन होने पर रात को सोने से पहले प्याज के एक टुकड़े का कान के बाहरी हिस्से पर इस तरह रखे कि प्याज कान के अंदर न जाने पाए|ऐसा करने से कान में होने वाली जलन और दर्द से आसानी से छुटकारा मिल सकता है|

सुबह 4 काली मिर्च हजारों रूपये खर्च करने से बचा देगी

सुबह 4 काली मिर्च हजारों रूपये खर्च करने से बचा देगी
4 Aug. 2017

Indian Health
Followers 31290
Follow
हर भारतीय व्यंजन में स्वाद लाने के लिए काली मिर्च को उपयोग जाता है। काली मिर्च एक ऐसा मसाला है जो स्वाद के साथ ही औषधि गुणों से भी भरपूर है। इसे सलाद, फल या दाल पर बुरक कर उपयोग लिया जाता है। इसका इस्तेमाल घरेलु इलाज के लिए भी किया जा सकता हैं। अगर आप सुबह खाली पेट काली मिर्च का सेवन करते है तो आपको इससे बहुत अधिक फायदे होते है और आप हज़ारों रूपये जो डॉक्टर देते है इलाज के लिए वो आप इसका सेवन करके बचा सकते है।

Google
हम आपको आज बताने वाले है की अगर आप सुबह खाली पेट काली मिर्च सेवन करते है तो उससे आपके शरीर में क्या क्या फायदे होते है।

काली मिर्च बढाये पाचन शक्ति :-

काली मिर्च स्वाद की कलिका को उत्तेजित करता है और पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड के स्राव को बढ़ाता है, जिसका प्रतिफल बेहतर और स्वस्थ पाचन है। इसीलिए कमजोर पाचक शक्ति वाले व्यक्ति को सुबह खाली पेट 4 काली मिर्च का सेवन जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से शरीर में पाचक क्रिया तेज होती है।

वजन कम करे :-

काली मिर्च के अंदर ऐसे गुण होते है जो शरीर में जमा वसा को उखाड़ने का काम करते है जिससे शरीर का मोटापा तेजी से कम होने लगता है। इसीलिए मोटे व्यक्ति को जो तरह तरह के उपाय करने के बाद भी अपना वजन कम नहीं कर पाते उन्हें सुबह सुबह काली मिर्च का सेवन जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से तेजी से वजन कम होने लगता है।

जोड़ों के दर्द दूर करे :-

काली मिर्च सेवन करके हम अपने जोड़ों के दर्द में राहत पा सकते है इसीलिए जिनको भी दर्द की समस्या उनको सुबह सुबह काली मिर्च का सेवन जरूर करना चाहिए।

कैंसर से दूर रखे :-

काली मिर्च में एंटी ऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो कि कैंसर से शरीर को दूर रखते हैं। तो जिस भी व्यक्ति को कैंसर से बचाव करना है तो उसे काली मिर्च का सेवन जरूर करना चाहिए।

इसीलिए अगर कोई भी व्यक्ति डॉक्टर को इलाज के लिए दिए जाने वाले पैसे बचाना चाहता है तो उसे सुबह 4 काली मिर्च का सेवन जरूर करना चाहिए।

रात को रूम में तेज पत्ता जलाने से होता हैं ये चमत्कारिक लाभ

रात को रूम में तेज पत्ता जलाने से होता हैं ये चमत्कारिक लाभ
Ujjawal Prabhat 4 Aug. 2017 16:38
जी हां यह वही पत्ता है जिसके बारे में आपने अपनी मां से काफी दफा सुन रखा होगा। यह पत्ता खाना बनाते समय काम आता है और कई सब्जियों में डाला जाता है। यह सब्जियों का स्वाद दुगुना कर देता है। लेकिन केवल इसी काम नहीं आता तेज पत्ता। अगर आप एक तेज लेकर उसे अपने कमरे में जलाएंगे, तो आपको इसके अन्य फायदों के बारे में पता चलेगा


अपने कमरे या घर को खुशबूदार बनाए रखने के लिए लोग तरह-तरह के लेकर आते हैं। महंगे इत्र भी छिड़काते हैं, लेकिन इन सभी का काम तेज पत्ता भी कर सकता है। यकीन मानिए, इसे जलाने पर जो महक आपको मिलेगी वो कई रूम प्रेशनर से बेहतर होगी। तेज पत्ता को एक बेहतरीन रूम प्रेशनर के गुण से भी जाना जाता है।
तेज पत्ते का प्रयोग इस एक कारण की वजह से भी हुआ है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि तेज पत्ता केवल खुशबू ही नहीं देता, इसे जलाने पर मिलने वाली गंध से दिमाग शांत रहता है।
तेज पत्ता आसपास के वातावरण में मौजूद दूषित कणों को काटता है। अगर आप बेहद परेशान हैं और किसी चिंता में हैं, तो एक तेज पत्ता जलाएं, कुछ ही देर में यह आपके दिमाग की सारी टेंशन भगा देगा। तेज पत्ते को जलाने से व्यक्ति की थकान दूर होती है, दिमाग शांत रहता है, दिमाग की नसों को आराम मिलता है, इतना ही नहीं इसका धुंआ जब सांस के माध्यम से हमारे अंदर जाता है तो हमारे प्रतिरक्षी तंत्र (इम्यून सिस्टम) को मजबूतबनाता है।

Friday, August 4, 2017

केन्सर का कारगर इलाज

इलाज करने वाले वैद्य के बारे में बताने जा रहे है। इससे पहले आपसे
निवेदन है की इस जानकारी को शेयर कर जनहित में
पहुँचाये ताकि लोगों का भला हो वो रोग मुक्त हो जाए, इस जानकारी
को पीड़ितों तक पहुँचाने पर लोग आपको आशीर्वाद देंगे
और भला हो यही कहेंगे, इस अमूल्य जानकारी को
शेयर कर मानवता का फ़र्ज़ निभाए। हम बात कर रहे
है कान्हावाडी गांव की। कान्हावाडी गांव जिला
बेतुल यहाँ पर केन्सर का कारगर इलाज होता है और भी बहुत
सारी बीमारिया ठीक होती है वैद्य
बाबूलाल पूरा पता बेतुल जिला से 35 km घोडाडोंगरी और वहाँ से
कान्हावाडी 3km दूर है। मिलने का समय रविवार और
मंगलवार सुबह 8 बजे से पर वहा पे नंबर बहुत लगते है इसलिये अगले
दिन रात को जाना पड़ता है।
वैसे तो बैतूल जिले की ख्याति वैसे तो सतपुड़ा के जंगलों
की वजह से है, लेकिन यहां के जंगलों में कैंसर जैसी
लाइलाज बीमारी को खत्म कर देने वाली
बहुमूल्य जड़ी-बूटियां मिलने से भी यह देश-विदेश में
चर्चा का विषय बना हुआ है। दवा लेने के लिए यहां बड़ी संख्या में
मरीज पहुंचते हैं। घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के ग्राम
कान्हावाड़ी में रहने वाले भगत बाबूलाल पिछले कई सालों से
जड़ी-बूटी एवं औषधियों के द्वारा कैंसर जैसी
बीमारी से लोगों को छुटकारा दिलाने में लगे हुए हैं। इस
नेक कार्य के बदले में लोगों से वे एक रुपए तक नहीं लेते हैं।
कैंसर बीमारी से निजात के लिए देश भर से लोग यहां
अपना इलाज कराने आते हैं। चूंकि मरीजों को उनकी दवा
से फायदा पहुंचता है इसलिए उनके यहां प्रत्येक रविवार एवं मंगलवार को
दिखाने वालों का ताता लगा रहता है।

Tuesday, August 1, 2017

*हळद व कोमट पाणि पिण्याचे फायदे*( W/ F, C/P)

*हळद व कोमट पाणि पिण्याचे फायदे*( W/ F, C/P)
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
बरेच लोक सकाळी उठताच गरम पाणी आणि लिंबू सेवन करतात. यामुळे त्यांचे पोट साफ राहते आणि पोटातील मळ बाहेर पडतो. लिंबू टाकून गरम पाणी पिण्याचे फायदे तर आपणा सर्वांनाच माहिती आहेत. परंतु जर याच मिश्रणामध्ये थोडीशी हळद मिक्स केली तर याचे गुण अजूनच वाढतील. चला तर मग आज आपण जाणुन घेऊया हे पाणी सकाळी सेवन केल्याने कोणते फायदे होतात आणि पाणी कसे तयार करावे.
साहित्य
अर्धा लिंबू, अर्धा चमचा हळद, गरम पाणी, थोडेसे मध (वैकल्पिक)
*कृती*
एक ग्लास गरम पाण्यात अर्धा लिंबू पिळून त्यामध्ये हळद आणि गरम पाणी मिसळा.यानंतर त्यामध्ये चवीनुसार मध मिसळा. हे मिश्रण तुम्ही हलवत राहा. यामुळे हळद खाली बसणार नाही.
*हळदीचे पाणी पिण्याचे ८ आरोग्य फायदे...* हे फायदे वाचल्यावर तुम्ही नियमित हळदीचे पाणी पिणे सुरु कराल...
*शरीराची सूज कमी करते* - शरीरावर कितीही सूज आलेली असेल तर हळदीचे पाणी घेतल्यावर सूज कमी होऊन जाईल. यामध्ये करक्यूमिन नामक एक रसायन असते. जे औषधाच्या रुपात काम करते.
*मेंदूला सुरक्षित ठेवते* - नियमित हळदीचे पाणी पिऊन विसरण्याचा आजार जसे की, डिमेंशिया आणि अल्जाइमरला दूर केले जाऊ शकते. हळद मेंदूसाठी खुप चांगली असते.
*अँटी कँसर गुण*- करक्यूमिन असल्यामुळे हळद एक खुप चांगले अँटीऑक्सींडेंट असते. हे कँसर निर्माण करणा-या कोशिकांसोबत लढते.
पोटाच्या समस्या- एका संशोधनाप्रमाणे नियमित हळदी खाल्ल्याने पित्त जास्त बनते. यामुळे जेवण सहज पचन होते.
*हृदय सुरक्षित ठेवते*- हळदीचे पाणी पिल्याने रक्त जमा होत नाही. यासोबतच धमन्यांमध्ये रक्त साचत नाही.
*अर्थराइट्सचे लक्षण दूर*- यामध्ये करक्यूमिन असल्यामुळे हे जॉइंट पेन आणि सूज दूर करण्यासाठी फायदेशीर असते. हे या रोगावर एका औषधी प्रमाणे काम करते
.
*वय कमी करते*- नियमित हळदीचे पाणी पिल्याने फ्री रॅडिकल्ससोबत लढण्यात मदत मिळते. ज्यामुळे शरीरावर होणारा वयाचा परिणाम धिम्या गतिने होतो.
*टाइप 2 डायबिटीज शक्यता कमी*- बायोकेमिस्ट्री आणि बायोफिजिकल रिसर्चच्या संशोधनानुसार हळदीच्या नियमित सेवनाने ग्लूकोज लेव्हल कमी होऊ शकते. आणि टाइप २ डायबिटीजची शक्यता कमी होत